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गिनी बिसाऊ में तख्तापलट के बाद सेना का बड़ा ऐलान, जनरल होर्ता एनटा को घोषित किया देश का सैन्य शासक

 Published : Nov 27, 2025 07:40 pm IST,  Updated : Nov 27, 2025 07:45 pm IST

पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ में सैन्य विद्रोह के बाद सैनिकों ने जनरल होर्ता एन'टा ना मैन को देश का नया सैन्य शासक घोषित किया है।

डिनिस एन'चमा, गिनी बिसाऊ के सैन्य प्रवक्ता। - India TV Hindi
डिनिस एन'चमा, गिनी बिसाऊ के सैन्य प्रवक्ता। Image Source : AP

बिसाऊ (गिनी-बिसाऊ): पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ में सैन्य विद्रोह ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति चुनाव के विवादास्पद परिणामों के एक दिन बाद गुरुवार को सैनिकों ने जनरल होर्ता एन'टा ना मैन को देश का नया सैन्य शासक घोषित कर दिया। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित घोषणा में सैन्य उच्च कमान ने जनरल एन'टा को एक वर्षीय संक्रमणकालीन राष्ट्रपति और सैन्य सरकार का प्रमुख नियुक्त किया।

सेना की यह घोषणा बुधवार को शुरू हुए तख्तापलट के बाद आई है, जब सैनिकों ने अपदस्थ राष्ट्रपति उमारो सिसोको एम्बालो को पदच्युत कर गिरफ्तार कर लिया था। जनरल एन'टा तख्तापलट के समय सशस्त्र बलों के प्रमुख थे और एम्बालो के करीबी सहयोगी माने जाते थे। एम्बालो का अभी कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने बुधवार को फ्रांसीसी मीडिया को बताया था, “सेना प्रमुख ने तख्तापलट कर मुझे गिरफ्तार कर लिया है। मुझे पद से हटा दिया गया।”

विपक्ष ने लगाया राष्ट्रपति पर आरोप

विपक्ष ने अपदस्थ किए गए एम्बालो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने रविवार (23 नवंबर) को हुए राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों में हार से बचने के लिए ही यह नाटक रचा। विपक्षी उम्मीदवार फर्नांडो डियास दा कोस्टा ने कहा, “यह तख्तापलट मतगणना को प्रभावित करने की साजिश है।” डियास ने भी अपनी जीत का दावा किया है, जबकि आधिकारिक परिणाम गुरुवार को ही आने वाले थे। बुधवार दोपहर राष्ट्रपति भवन के आसपास गोलियां चलने की आवाजें सुनी गईं। फ्रांस 24 और जेएन अफ्रीका जैसे मीडिया ने एम्बालो के हवाले से पुष्टि की कि सेना ने पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है।

सेना ने कहा-राष्ट्रपति को हटाया गया

सैन्य उच्च कमान के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल डेनिस एन'कन्हा ने बयान जारी कर कहा, “राष्ट्रीय और सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति को तत्काल पदच्युत किया गया है। सभी सरकारी संस्थाएं अगले आदेश तक निलंबित हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह कदम चुनावी परिणामों में हेरफेर की “गोपनीय साजिश” के खिलाफ उठाया गया, जिसमें कुछ नेता, मादक पदार्थ तस्कर और घरेलू-विदेशी तत्व शामिल थे। गिनी-बिसाऊ, पश्चिम अफ्रीका का यह छोटा-सा देश, 2022 में भी सैन्य विद्रोह का गवाह बना था। चुनाव के बाद दोनों उम्मीदवारों के जीत के दावों ने तनाव बढ़ा दिया था। 

सैन्य शासन ने एक वर्षीय संक्रमणकाल की घोषणा की है, लेकिन क्षेत्रीय संगठन ईकोवास की प्रतिक्रिया का इंतजार है। विपक्षी एसोसिएटेड प्रेस सोशल रिन्यूअल पार्टी के डियास के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांतिपूर्ण संक्रमण की अपील की है। (एपी)

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