UN Report on Human:एक वर्ष में पूरी दुनिया में 5.50 करोड़ लोगों को किसने बनाया गुलाम, यूएन की चौंकाने वाली रिपोर्ट

UN Report on Human: क्या आज के दौर में भी कुछ लोगों को गुलामी में जीना पड़ रहा है, क्या अभी भी गुलाम बनाने वाली प्रथा दुनिया से खत्म नहीं हुई है, क्या लोगों को अपना गुलाम समझने और बनाने वालों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है.... अगर आप पूछेंगे तो इसका जवाब हां में है।

Dharmendra Kumar Mishra Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
Updated on: September 13, 2022 15:21 IST
UN Report- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV UN Report

Highlights

  • बढ़ रहा गुलामी की जिंदगी जीने वालों का आंकड़ा
  • बहुतों का कराया गया जबरन बेमेल विवाह
  • प्रशांत-एशिया और अरब क्षेत्र में जबरन विवाह के मामले ज्यादा

UN Report on Human: क्या आज के दौर में भी कुछ लोगों को गुलामी में जीना पड़ रहा है, क्या अभी भी गुलाम बनाने वाली प्रथा दुनिया से खत्म नहीं हुई है, क्या लोगों को अपना गुलाम समझने और बनाने वालों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है.... अगर आप पूछेंगे तो इसका जवाब हां में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक वर्ष में दुनिया में करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों ने गुलामी झेली है। यह आंकड़ा सुनकर आप चौंक जाएंगे। मगर यह सच है।

जबरन कराया गया बेमेल विवाह

संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी का अनुमान है कि पिछले साल के अंत तक दुनिया भर में करीब पांच करोड़ लोग ‘‘आधुनिक गुलामी’’ के पीड़ित रहे थे, जो या तो बंधुआ मजदूरी में धकेल दिए गए या उनका विवाह कर दिया गया। यह आंकड़ा पांच साल पहले आई संस्था की पिछली रिपोर्ट से 25 प्रतिशत अधिक है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और साझेदार ‘‘व्यावसायिक यौन शोषण’’ जैसे चिंताजनक रुझानों की ओर इशारा करते हैं, जो चार में से लगभग एक व्यक्ति को प्रभावित करते हैं जो बंधुआ मजदूरी के अधीन हैं। इससे गरीबों, महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

बढ़ रहा गुलामी की जिंदगी जीने वालों का आंकड़ा
संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय प्रवासी मामलों के संगठन और आधुनिक दासता पर काम करने वाले अधिकार समूह वॉक फ्री फाउंडेशन के साथ आईएलओ ने बताया कि 2021 के अंत में बंधुआ मजदूरों की संख्या 2.8 करोड़ थी। सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि एक साल पहले के आंकड़ों के आधार पर 2017 में इस तरह की आखिरी रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद से इस तरह के आंकड़ों में आधुनिक गुलामी में रहने वाले लोगों की संख्या एक करोड़ बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि दो-तिहाई वृद्धि अकेले जबरन विवाह से संबंधित है। वॉक फ्री के संस्थापक निदेशक ग्रेस फॉरेस्ट ने न्यूयॉर्क में एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से साक्षात्कार में कहा कि वृद्धि ग्रीस की आबादी के बराबर है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र और अरब में जबरन विवाह के मामले ज्यादा
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, सभी जबरन विवाह के मामलों में से दो तिहाई से अधिक मामले एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पाए गए जो दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। हालांकि प्रति व्यक्ति सबसे अधिक संख्या अरब देशों में है, जहां लगभग प्रति 1,000 में से पांच लोग जबरन विवाह वाले थे। श्रमिकों, व्यवसायों और सरकारों को साथ लाने का काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र श्रम एजेंसी के महानिदेशक गाय राइडर ने ‘‘सबसे मिलकर काम करने’’ का आह्वान किया और कहा, ‘‘इसमें ट्रेड यूनियन, नियोक्ता समूह, नागरिक समाज और आम लोग, सभी को महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभानी हैं। ताकि लोगों को इस तरह की गुलामी से मुक्ति दिलाई जा सके। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

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