बीजिंग: चीन में घातक कोरोना वायरस का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा है कि इससे कई और लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिसके साथ ही इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 170 हो गई है और 1000 से अधिक नए मामले सामने आए। 7,000 से अधिक लोगों के इसकी चपेट में आने की भी पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर पहुंच जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की मौत होगी।
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस वायरस के प्रकोप को रोकने की मुश्किल जिम्मेदारी सेना को उठाने का बुधवार को आदेश दिया। यह 17 देशों में फैल गया है। इस बीच, कई वैश्विक एयरलाइनों ने चीन के विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। चीन में इस वायरस से छह विदेशी भी संक्रमित हुए हैं। जर्मनी में चार मामलों की पुष्टि हुई है। इस तरह, फ्रांस के बाद यह दूसरा यूरोपीय देश हो गया है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के प्रमुख राष्ट्रपति शी ने सेना से अपने उद्देश्य को दृढ़ता से मन में रखने और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतने में योगदान देने की मुश्किल जिम्मेदारी उठाने को कहा है। वहीं, पीएलए ने हुबई प्रांत की राजधानी वुहान में अपने हजारों मेडिकल कर्मियों को इस वायरस से संक्रमित लोगों को बचाने के कार्य में लगाया है, ताकि चिकित्सकों की मदद की जा सके। यह शहर इस वायरस से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।
कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन ‘सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (सार्स) ऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।