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भारत-पाक के बीच संयुक्त परेड लंबे समय से है रुकी, अटारी-वाघा सीमा सूनी

 Reported By: IANS
 Published : Dec 27, 2020 08:24 am IST,  Updated : Dec 27, 2020 08:24 am IST

भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा सीमा पर इन दिनों संयुक्त परेड (बीटिंग र्रिटीट सेरेमनी) बंद है, जिससे यहां अब यहां का माहौल सूना नजर आ रहा है।

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भारत-पाक के बीच संयुक्त परेड लंबे समय से है रुकी, अटारी-वाघा सीमा सूनी Image Source : FILE PHOTO

इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा सीमा पर इन दिनों संयुक्त परेड (बीटिंग र्रिटीट सेरेमनी) बंद है, जिससे यहां अब यहां का माहौल सूना नजर आ रहा है। पहले जहां दोनों देशों के सुरक्षा बल आक्रामक अंदाज में एक-दूसरे के सामने परेड करते थे और इसे देखने वाले दर्शकों में भी एक विशेष उत्साह देखने को मिलता था, जो अपने-अपने देश और अपनी सेना का मनोबल बढ़ाते हुए नारे लगाते थे, वहीं अब यहां शांति और सन्नाटा छाया हुआ है।

दो प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच होने वाली यह संयुक्त परेड कोरोनावायरस महामारी के कारण बंद है। इस संयुक्त परेड को देखने के लिए दोनों ही देशों के नागरिक काफी उत्साहित नजर आते हैं और वे अपने संबंधित देशों का झंडा फहराते हुए नारे लगाते हैं, मगर अब लोगों की आवाजाही बंद होने के कारण यहां पहले जैसी रौनक नजर नहीं आ रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त परेड अद्वितीय है, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति में भी जारी रहती है। हालांकि इस वर्ष कोरोनावायरस का प्रसार तेज होने के बाद संयुक्त परेड को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।

मालूम हो कि भारत में अटारी और पाकिस्तान की तरफ पड़ने वाला वाघा बॉर्डर पर आयोजित होने वाली र्रिटीट सेरेमनी के दौरान बीएसएफ जवान अपने सिर तक ऊंचा पैर उठाते हैं और उसे जमीन पर पटकते हैं।

इस संयुक्त परेड में पाकिस्तानी रेंजर्स पंजाब और भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। परेड के दौरान जवान बड़े आक्रामक अंदाज में दिखाई देते हैं। उनके चेहरे पर आक्रामकता के साथ ही गुस्सा भी झलकता है। परेड के दौरान दोनों देश के सुरक्षा बल एक दूसरे की आंखों में आंखें मिलाते हुए जोर से जमीन पर पैर पटकते हुए एक अलग अंदाज में परेड करते हैं। इसे देखने के लिए दोनों देशों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और वे अपने जवानों का जोश बढ़ाने के लिए देशभक्ति के नारे लगाते हैं।

वाघा सीमा के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले एक निवासी ने कहा, "चल रही महामारी के कारण पिछले नौ महीने से वातावरण उदासीन बना हुआ है।" क्षेत्रीय निवासी ने कहा कि पहले जहां रोजाना यहां का माहौल काफी जीवंत दिखाई देता था और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ ही पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते सुनाई देते थे, वहीं अब यहां सन्नाटा छाया हुआ है।

यह संयुक्त परेड दुनिया में सबसे अनोखी परेड होने के साथ ही दोनों देशों के नागरिकों के लिए विदेशी पर्यटकों को भी लुभाती रही है। इसे देखने के लिए दोनों देशों के नागरिकों के अलावा विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त परेड 1959 में शुरू हुई थी और तब से यह बिना किसी बड़ी रुकावट के जारी है।

अतीत में दो नवंबर 2014 को वाघा बॉर्डर पर एक आत्मघाती हमले के बाद भारत ने परेड को रद्द कर दिया था। इसके अलावा 29 सितंबर 2016 को भी भारत ने तनावपूर्ण संबंधों के कारण परेड को रोक दिया। हालांकि अब कोरोना महामारी के कारण इसमें नौ महीने से भी लंबा ठहराव देखा गया है, जो कि इसके शुरू होने के बाद सबसे लंबी अवधि है। हालांकि दोनों देश की सेना सीमा पर मौजूद है, मगर लोगों की आवाजाही बंद होने से यहां का माहौल नीरस दिखाई दे रहा है।

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