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भारत ने आसियान महासचिव से साइबर और समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा को बताया अहम, हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर दिया नया विजन

 Published : Jul 12, 2023 03:03 pm IST,  Updated : Jul 12, 2023 03:03 pm IST

विदेश मंत्री एक हफ्ते के लिए इंडोनेशिया और थाईलैंड की यात्रा समेत आसियान और बिम्सटेक देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेना पहुंच गए हैं। एस जयशंकर ने सबसे पहले इंडोनेशिया पहुंचकर वहां आसियान महासचिव डॉ. काओ किम होर्न के साथ बैठक की। इस दौरान साइबर और समुद्री सुरक्षा पर भारत का मुख्य फोकस रहा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी।

आसियान महासचिव डॉ. काओ किम होर्न के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर- India TV Hindi
आसियान महासचिव डॉ. काओ किम होर्न के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर Image Source : FILE

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आज से इंडोनेशिया और थाईलैंड की यात्रा पर हैं। इस दौरान वह आसियान और बिम्सटेक समूह के अपने समकक्षों के साथ बैठकें करेंगे। इंडोनेशिया पहुंचने के बाद एस जयशंकर ने ट्वीट करके अपनी यात्रा से संबंधित गतिविधियों की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि आसियान महासचिव डॉ. काओ किम होर्न के साथ बैठक की। साथ ही इंडोनेशिया में अपनी गतिविधियों की शुरुआत की। जयशंकर ने कहा कि हमने हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विकास पर चर्चा की। साथ ही वित्त, साइबर और समुद्री क्षेत्रों में भारत-आसियान संवाद का सुझाव दिया। भारत ने साइबर और समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा को सबसे अहम बताया।

जयशंकर ने आसियान महासचिव के साथ ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र में चल रहे कार्यों का उल्लेख किया। आसियान महासचिव ने भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ाव को विस्तार देने पर सहमति दी।  आसियान संबंधों ने इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र) विजन का मार्ग प्रशस्त किया। भारत और आसियान केंद्रीयकरण के सिद्धांत के प्रति गंभीरता से प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर आज बुधवार को एक सप्ताह की इंडोनेशिया और थाईलैंड यात्रा पर गए हैं।

बिम्सटेक समूह के समकक्षों के साथ भी करेंगे बैठक

इस दौरान वह आसियान और बिम्सटेक समूह के अपने समकक्षों के साथ बैठकें करेंगे। बिम्सटेक का मतलब बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल है। यह बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती और समीपी देशों का एक अन्तरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है। नवम्बर 2016 से बांग्लादेश, भारत, बर्मा, श्रीलंका, थाईलैण्ड, भूटान और नेपाल इसके सदस्य हैं। पाकिस्तान को इसका हिस्सा नहीं बनाया गया है। इंडोनेशिया यात्रा के दौरान जयशंकर बृहस्पतिवार से दो दिन तक आसियान से संबंधित बैठकों में हिस्सा लेंगे।

इनमें आसियान-भारत, पूर्वी एशिया सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय फोरम की बैठकें शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि वह अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जकार्ता के बाद, जयशंकर रविवार को मेकांग गंगा सहयोग (एमजीसी) समूह के विदेश मंत्रियों की 12वीं बैठक में भाग लेने के लिए बैंकॉक जाएंगे। बैंकॉक में 17 जुलाई को जयशंकर बिम्सटेक विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल होंगे। (भाषा)

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