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अमेरिका से भारी तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दागी Sayyad-3G मिसाइल, समंदर में भड़की विद्रोह की आग

 Published : Feb 22, 2026 10:46 am IST,  Updated : Feb 22, 2026 10:49 am IST

ईरान और अमेरिका में चल रहे भयानक तनाव के बीच तेहरान के एक खतरनाक कदम ने समंदर में आग लगा दी है। ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में सय्याद-3जी मिसाइल का सफल परीक्षण करके विरोधियों में खलबली मचा दी है।

हॉर्मुज में ईरान द्वारा दागी गई मिसाइल (बाएं) और दाएं होर्मुज जल डमरू क्षेत्र। - India TV Hindi
हॉर्मुज में ईरान द्वारा दागी गई मिसाइल (बाएं) और दाएं होर्मुज जल डमरू क्षेत्र। Image Source : X@RT_COM & AP

तेहरानः अमेरिका से परमाणु वार्ता के बीच जारी भयंकर तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सय्याद-3जी मिसाइल दाग कर खलबली मचा दी है। इस मिसाइल का परीक्षण इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के "स्मार्ट कंट्रोल ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज" ने अभ्यास के दौरान किया है।

क्या है सय्याद-3 जी की खासियत 

सय्याद-3 जी मिसाइल को शहीद सय्याद शिराजी युद्धपोत से लॉन्च किया गया, जो शहीद सोलेमानी-क्लास का तीसरा जहाज है। यह क्लास जनरल कासिम सोलेमानी के नाम पर है, जिनकी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। यह मिसाइल सय्याद-3 का नौसैनिक वैरिएंट है, जिसमें वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) है। इसकी रेंज लगभग 150 किलोमीटर बताई जाती है। यह फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, पैट्रोल एयरक्राफ्ट और कुछ क्रूज मिसाइलों को स्वतंत्र रूप से डिटेक्ट और नष्ट कर सकती है। शहीद सय्याद शिराजी जहाज पर छह ऐसी मिसाइलों के लिए बड़े VLS साइलो हैं, जिससे ये जहाज मोबाइल एयर डिफेंस हब बन जाते हैं। इससे जहाजों के चारों ओर 150 किमी का एयर डिफेंस बबल बनता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में ईरान की समुद्री रक्षा क्षमता को मजबूत करता है।

ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी

ईरान ने यह परीक्षण ऐसे वक्त में किया है, जब अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ बढ़ते तनाव चरम पर है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि उसके क्षेत्र पर एक भी हमला हुआ या गोलीबारी की गई तो वह अमेरिकी संपत्तियों और हितों पर भारी और निर्णायक जवाबी कार्रवाई करेगा। IRGC अधिकारियों ने कहा कि यह मिसाइल शहीद सोलेमानी-क्लास जहाजों के लिए क्षेत्रीय एयर डिफेंस छत्र प्रदान करती है, जो ईरान की समुद्री रणनीति में नया मोड़ है। यह विकास ईरान की असीमित युद्ध क्षमता को बढ़ाता है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका क्षेत्र में सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह परीक्षण ईरान की नौसेना को अधिक बहुमुखी और रक्षात्मक बनाता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का महत्वपूर्ण चोकपॉइंट में उसके प्रभाव को मजबूत करता है। 

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