Pakistan on India: पाकिस्तान के सता रहा परमाणु हमले का डर, सेना के अधिकारी ने भारत के खिलाफ उगला जहर, पीएम मोदी पर किया कमेंट

Pakistan on India: किदवई ने कहा कि भारत में कट्टरपंथी विचारधारा वाली सरकार और परमाणु शक्ति का होना एक खतरनाक कॉम्बिनेशन है। किदवाई ने कहा कि यह दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है।

Shilpa Written By: Shilpa
Updated on: September 28, 2022 14:35 IST
Pakistan on India-Nuclear Weapons- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY Pakistan on India-Nuclear Weapons

Highlights

  • पाकिस्तान को भारत से परमाणु हमले का डर
  • पाकिस्तान सेना के पूर्व अधिकारी बोले
  • पीएम नरेंद्र मोदी पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

Pakistan on India: पाकिस्तान की तरफ से अकसर भारत को लेकर उल जलूल बयान दिए जाते हैं। अब पाकिस्तानी सेना से सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल और पाकिस्तानी नेशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार खालिद अहमद किदवई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत में परमाणु हथियार की ताकत अब केवल हिंदू कट्टरपंथियों के हाथ में है, जिसके चलते क्षेत्र में सामरिक अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। किदवई ने दक्षिण एशिया में सामरिक स्थिरता विषय पर एक वर्कशॉप में कहा कि भारत में परमाणु शक्ति अब कट्टरपंथी लीडरशिप के हाथों में है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में कट्टरपंथी विचारधारा वाली सरकार और परमाणु शक्ति का होना एक खतरनाक कॉम्बिनेशन है। किदवाई ने कहा कि यह दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। 

किदवई ने कहा कि भारत में परमाणु पावर से जुड़े कमांड, कंट्रोल और ऑपरेशन संबंधित फैसलों की जिम्मेदारी इंडियन नेशनल कमांड अथॉरिटी की है। उन्होंने कहा कि इसकी राजनीतिक परिषद की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कार्य परिषद की कमान अजीत डोभाल के हाथों में है। साथ ही भारत सरकार के कुछ मंत्री आरएसएस बैकग्राउंड से आते हैं, जिनमें देश के गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं। 

पीएम मोदी को लेकर भी बोले

खालिद अहमद किदवई ने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि वह हमेशा आक्रामक रुख बनाए रखते हैं और अपनी जनसभाओं नें परमाणु शक्ति इस्तेमाल करने की बात करते हैं। उनके मंत्रियों ने भी कई मौकों पर गैर जिम्मेदार और भड़काऊ बयान दिए हैं। किदवई ने कहा कि साल 2019 के फरवरी महीने में बालाकोट में हवाई हमला और 2022 के मार्च में मिसाइल गिरने तक की घटनाएं परमाणु सशक्त पड़ोसी देश के खिलाफ आक्रमण का उदाहरण हैं, जबकि वह इसके नुकसान के बारे में जानते हैं। उन्होंने आगे भारत को चेतावनी दी कि वह ब्रिटेन और अमेरिका के साथ ऑकस जैसा समझौता न करे। इस समझौते के तहत अमेरिका और ब्रिटेन ऑस्ट्रेलिया को परमाणु हमला करने में सक्षम पनडुब्बियों को बनाने की तकनीक में मदद कर रहे हैं। 

पाकिस्तान में गिरी ब्रह्मोस मिसाइल पर बोले

किदवई ने पाकिस्तान में गिरी ब्रह्मोस मिसाइल मामले में भारत द्वारा कारण बताए जाने के बावजूद कहा कि पाकिस्तान में 9 मार्च को जो मिसाइल गिरी थी, वह कोई दुर्घटना नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह अचानक होने वाली घटना नहीं है क्योंकि कोई भी मिसाइल बड़े नेताओं की मंजूरी के बिना लॉन्च नहीं होती है। इसके लिए कई हफ्तों तक योजना बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इन दोनों ही मामलों में संयम और परिपक्वता दिखाई है, ताकि तनाव उत्पन्न न हो।

क्या थी पाकिस्तान में मिसाइल गिरने की घटना?

पाकिस्तान ने नौ मार्च को दुर्घटनावश मिसाइल के दागे जाने और उसके पाकिस्तानी क्षेत्र में गिरने की घटना पर भारत की कार्रवाई को ‘पूरी तरह से असंतोषजनक, अधूरी और अपर्याप्त’ बताते हुए खारिज कर दिया था। उसने इस मामले में संयुक्त जांच की मांग की थी। पाकिस्तान में दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल गिरने की घटना की उच्चस्तरीय जांच में जिम्मेदार पाए गए भारतीय वायु सेना के तीन अधिकारियों को 23 अगस्त को बर्खास्त कर दिया गया था। भारत के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (सीओआई) ने इस घटना की जांच में पाया कि तीन अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया था, जिसके चलते दुर्घटनावश मिसाइल प्रक्षेपित हुई और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गिरी। 

पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि 124 किलोमीटर की दूरी से एक वस्तु भारत की ओर से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंची थी। यह मिसाइल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियां चन्नू शहर के निकट गिरी थी, जिससे नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। रक्षा मंत्रालय ने 11 मार्च को कहा था कि तकनीकी खराबी के कारण नियमित रख-रखाव के दौरान दुर्घटनावश एक मिसाइल चल गई थी और पाकिस्तान के एक इलाके में गिरी।  

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