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China on Kashmir Issue: तीसरी बार सत्ता में आते ही शी जिनपिंग ने दिखाया अपना रूप, कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के पक्ष में कही ये बात

 Published : Oct 27, 2022 07:10 pm IST,  Updated : Oct 27, 2022 07:10 pm IST

China on Kashmir Issue: लगातार चीन का तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग के तेवर भारत के प्रति और भी अधिक सख्त हो गए हैं। चीन ने कश्मीर मुद्दे को फिर से उछाल दिया है और पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाजी करनी शुरू कर दी है। चीन इस बहाने भारत को उकसाने की कोशिश में जुट गया है।

शी जिनपिंग- India TV Hindi
शी जिनपिंग Image Source : INDIA TV

China on Kashmir Issue: लगातार चीन का तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग के तेवर भारत के प्रति और भी अधिक सख्त हो गए हैं। चीन ने कश्मीर मुद्दे को फिर से उछाल दिया है और पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाजी करनी शुरू कर दी है। चीन इस बहाने भारत को उकसाने की कोशिश में जुट गया है। ताकि भारत में स्थिरता को अस्थिर किया जा सके। जानकारों के अनुसार चीन अभी इस तरह की और कई कोशिशें कर सकता है।

चीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दा बातचीत और विचार-विमर्श के जरिए सुलझाना चाहिए तथा स्थिति को और जटिल बनाने वाली ‘एकतरफा कार्रवाई’ करने से बचना चाहिए। एक पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा कश्मीर मुद्दे के बारे में किए गए सवाल पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर चीन की स्थिति हमेशा एक ‘‘समान और स्पष्ट’’ रही है। माओ ने कहा, ‘‘यह भारत और पाकिस्तान के बीच इतिहास का एक शेष मुद्दा है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और प्रासंगिक द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से, ठीक से प्रबंधित किया जाना चाहिए।

भारत के तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप न करने की बात को चीन ने किया नजरंदाज

चीन ने कहा, ‘‘संबंधित पक्षों को स्थिति को और जटिल बनाने वाली एकतरफा कार्रवाई करने से बचना चाहिए। साथ ही, विवाद को सुलझाने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और विचार-विमर्श में शामिल होना चाहिए। भारत ने पूर्व में कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर से संबंधित मामले पूरी तरह से देश के आंतरिक मामले हैं।

आतंक और हिंसा के साथ भारत नहीं रख सकता पाक से संबंध
 कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। भारत द्वारा 5 अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और खराब हो गए। भारत ने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि जम्मू कश्मीर ‘‘हमेशा से भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।’’ भारत ने कहा है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है।

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