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एक महीने के अंदर शुरू होगा तीसरा विश्वयुद्ध! रूस के सैन्य विशेषज्ञ ने दिया डराने वाला बयान

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 07, 2021 04:06 pm IST,  Updated : Apr 07, 2021 04:09 pm IST

कोरोना वायरस के कहर के बीच अब दुनिया पर विश्वयुद्ध का खतरा भी तेजी से मंडराने लगा है।

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कोरोना वायरस के कहर के बीच अब विश्वयुद्ध का खतरा भी मंडराने लगा है। Image Source : PIXABAY REPRESENTATIONAL

मॉस्को: कोरोना वायरस के कहर के बीच अब विश्वयुद्ध का खतरा भी मंडराने लगा है। दरअसल, यूक्रेन के साथ लगती अपनी सीमा पर रूस ने 4000 सैनिकों को भेजा है जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस के एक सैन्य विशेषज्ञ ने कहा है कि रूसी सैनिकों की यह तैनाती पूरे यूरोप को एक बड़े युद्ध में झोंक सकती है। जाहिर-सी बात है कि यदि यूरोप के बड़े देश युद्ध में कूदते हैं तो इस लड़ाई के पूरी दुनिया में फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। एक्सपर्ट ने सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह कही है कि यह खतरनाक लड़ाई सिर्फ एक महीने के अंदर शुरू हो सकती है।

‘पूरा यूरोप युद्ध की चपेट में आ जाएगा’

मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वतंत्र रूसी सैन्य विश्लेषक पावेल फेलगेनहर ने कहा है कि यदि विश्वयुद्ध नहीं भी हुआ तो भी इस संकट के चलते पूरा यूरोप युद्ध की चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि खतरा बढ़ता जा रहा है और काफी तेजी से हालात बिगड़ रहे हैं। फेलगेनहर ने कहा, 'लड़ाई होगी या नहीं? देखते हैं। पश्चिम के देशों को पता नहीं है कि इन हालात में क्या करें।' बता दें कि रूस ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि यदि NATO यूक्रेन में अपनी सेना भेजता है तो वह भी 'और बड़े कदम' उठाने से नहीं चूकेगा। उधर अमेरिका ने भी यूक्रेन को अपना पूरा समर्थन दिया है।


‘सबसे निचले स्तर पर आ चुके हैं संबंध’
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ उनके देश के संबंध ‘सबसे निचले स्तर’ पर पहुंच गए हैं। बता दें कि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन की सीमा पर रूसी सैनिकों की तैनाती पर चिंता जताई है। इंटरनेट पर कुछ ऐसे फुटेज वायरल हुए थे जिनमें दर्जनों हेलिकॉप्टर, टैंक और कई अन्य सैन्य वाहन ट्रेनों पर लादकर ले जाए जा रहे थे। वीडियो के वायरल होने के बाद दुनियाभर में हलचल मची हुई है। फेलगेनहर ने यह भी कहा कि पश्चिम के कुछ पश्चिमी देश अभी रूस को भड़काना नहीं चाहते क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है।

‘NATO है तो हमें चौकन्ना रहना पड़ता है’
पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर सैन्य टुकड़ी भेजे जाने का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि रूस ने तो अपने इलाके में सैनिकों को भेजा है। उन्होंने कहा, 'इससे किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस तरह की कार्रवाई से किसी को खतरना नहीं होता है।' उन्होंने कहा कि NATO की सेनाएं रूसी सीमा के आसपास नजर आ रही हैं ऐसे में हमें चौकन्ना रहना पड़ता है।

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