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भारत पर हाई टैरिफ लगाने वाले अमेरिका का हुआ बुरा हाल, कंगाली के चलते प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी 'NASA' हुई बंद

 Published : Oct 03, 2025 06:03 pm IST,  Updated : Oct 03, 2025 06:39 pm IST

अमेरिका की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी नासा का शटर डाउन हो गया है। नासा ने आर्थिक कंगाली के चलते अपने कई महत्वूपूर्ण ऑपरेशन बंद करने की जानकारी वेबसाइट पर साझा की है।

NASA- India TV Hindi
NASA Image Source : AP

वाशिंगटनः भारत पर हाई टैरिफ लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के देश में भारी आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कंगाली के चलते अमेरिका की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने दैनिक अपडेट समेत कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन को बंद कर दिया है। नासा ने अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी है। नासा ने घोषणा की है कि सरकार से फंडिंग बंद होने के कारण इसके सभी ऑपरेशन फिलहाल रुके हुए हैं, और इसकी वेबसाइट पर यह सूचना दी गई है कि एजेंसी "अगले आदेश तक बंद रहेगी।"

अमेरिकी सरकार भी शटडाउन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के शटडाउन होने से पहले ट्रंप सरकार भी शटडाउन हो चुकी है। नासा का यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब 1 अक्टूबर 2025 को संयुक्त राज्य अमेरिका में सरकार की बंदी (शटडाउन) शुरू हो गई, क्योंकि कांग्रेस बजट या अस्थायी फंडिंग उपाय पारित करने में विफल रही। यह लगभग छह वर्षों में पहली बार हुआ है, जिसने नासा सहित कई सरकारी एजेंसियों में हजारों कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार कर्मचारी  केवल जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक काम ही जारी रख रहे हैं, जिसका मतलब है कि नासा के अधिकांश प्रोजेक्ट- जैसे अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान से लेकर जनता से जुड़ाव तक बंद हो गए हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का शटडाउन।
Image Source : NASAअमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का शटडाउन।

नासा का दैनिक संचार भी बंद

फंडिंग रुकने से नासा के दैनिक संचार बंद हो गए हैं, सोशल मीडिया निष्क्रिय है और मिशन अपडेट में देरी हो रही है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण ऑपरेशन चल रहे हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की निगरानी, सौरमंडल में सक्रिय अंतरिक्ष यान और ग्रह रक्षा गतिविधियां जैसे क्षुद्रग्रह ट्रैकिंग शामिल हैं। ये प्रयास सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक माने जाते हैं और सीमित कर्मचारियों के साथ जारी हैं। शटडाउन का नासा के कार्यक्रमों और भविष्य के मिशनों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। 

चंद्रमा पर मानव भेजने का मिशन भी हो सकता है प्रभावित

इस कंगाली के चलते मानवों को फिर से चंद्रमा पर भेजने की दिशा में चल रहा आर्टेमिस प्रोग्राम के की लॉन्चिंग प्रभावित हो सकती है। नासा की फंडिंग पर निर्भर अनुसंधान परियोजनाएं भी बंद हो गई हैं, जिससे वैज्ञानिक अध्ययन और विश्वविद्यालय सहयोग बाधित हुए हैं। नासा के साथ काम करने वाले ठेकेदारों को भी अगर फंडिंग रुकती रही तो परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह पहली बार नहीं है जब नासा को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा हो। 2018-2019 के दौरान हुए एक बड़े शटडाउन ने भी कई परियोजनाओं को रोक दिया था और एजेंसी के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए अनिश्चितता पैदा की थी।

अंतरिक्ष यात्रियों और यानों की सुरक्षा बनी चुनौती

वॉशिंगटन में इस गतिरोध के लंबे समय तक बने रहने से नासा के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों, जैसे चंद्र अन्वेषण और मंगल मिशन, पर काम बनाए रखना कठिन हो जाएगा। जब तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलता, नासा का बंद रहना यह सख्त याद दिलाता है कि कैसे राजनीतिक गतिरोध सीधे विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण को प्रभावित करता है। फिलहाल, एजेंसी का विशाल स्टाफ इंतजार कर रहा है, जबकि अंतरिक्ष में कड़ी निगरानी बनी हुई है। स्टाफ चुपचाप काम कर रहा है। ताकि अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष यानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। (नासा)

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