डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीस डील खत्म करने के ऐलान के बाद अमेरिका ने बुधवार को ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास में अहम ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि हमने उन्हें 20 के मुकाबले 1 के हिसाब से जवाब दिया। हर बार जब वे हम पर हमला करेंगे, तो हम उन पर 20 हमले करेंगे। यह पिछली रात का बदला था। असल में उन्होंने तीन नावों पर हमला किया था, दो पर नहीं। जब वे हमला करते हैं, तो हम कहीं ज्यादा ज़ोरदार जवाब देते हैं। इससे पहले, अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।
"वे हर हाल में डील करना चाहते हैं"
ईरान पर अमेरिका के अतिरिक्त हमलों पर ट्रंप ने कहा, "हम सैन्य रूप से पहले ही जीत चुके हैं। उनके पास अब बहुत कम कुछ बचा है... उन्होंने थोड़ी देर पहले ही फोन किया था। वे हर हाल में डील करना चाहते हैं। मुझे बस यह नहीं पता कि वे डील करने के लायक हैं। मैं नहीं जानता कि वे डील का सम्मान करेंगे या नहीं।"
एक और पूछे गए सवाल, "अगर ईरान हर हाल में डील करना चाहता है, तो आपको क्या लगता है कि उन्होंने कमर्शियल जहाजों पर हमला क्यों किया?" इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, "वे एक तरह से सनकी हैं।"
स्पेन को लेकर ट्रंप का बयान- दिक्कतें थीं, अब भी हैं
इसके साथ ही, ट्रंप ने कहा, "मुझे स्पेन से दिक्कतें थीं और अब भी हैं। लेकिन आज स्पेन ने पूरी तरह से वापसी की... उन्होंने भारी पेमेंट की हमारी मांग को माना। अगर वे ऐसा नहीं करते, तो हम उनसे बात भी नहीं करते। मेरी राय में, उन्होंने बहुत बुरा बर्ताव किया।"
"बहुत कुछ ग्रीनलैंड और ईरान पर भी निर्भर"
जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या वे यूरोप से और अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "बहुत कुछ ग्रीनलैंड पर निर्भर करेगा... बहुत कुछ ईरान पर भी निर्भर करता है। वे अब मदद करना चाहते हैं। अब थोड़ी देर हो चुकी है, क्योंकि अब उतनी लड़ाई बची नहीं है। जब उनके पास मौका था, तो उन्होंने ऐसा नहीं किया। लेकिन हम उस बात को थोड़ा भूल रहे हैं। अब वे ईरान के मामले में बहुत ज्यादा मदद करना चाहते हैं, लेकिन हमें असल में मदद की जरूरत नहीं है।"
भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर फिर दिया बयान
ट्रंप ने अपने बयान में आगे कहा, "भारत और पाकिस्तान... वह युद्ध जोरों पर था। 11 विमान मार गिराए गए थे। वह युद्ध परमाणु युद्ध में बदल सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाई। लेकिन पता है, यह संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती थी।"
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