Submarine Missing: अटलांटिक महासागर में लापता टाइटन सबमर्सिबल में अब चंद घंटों की ऑक्सीजन बची हुई है। आइए जानते हैं कि 80 घंटे तक अंदर फंसे रहे 5 यात्रियों के लिए यह समय कैसा रहा होगा? दरअसल इस लापता सबमरीन के अंदर कोई खिड़की नहीं है। कोई सीट नहीं है। सिर्फ एक शौचालय बना हुआ है। ऐसा लगता है जैस मानो कोई सिगार जैसी ट्यूब में बैठा हुआ है।
लगभग चार दिनों से लापता 22 फीट लंबी सबमरीन पर सवार यात्रियों पर अंदर क्या बीत रही होगी, यह सोच कर भी मन सिहर उठता है। करीब चार दिनों से भोजन या पानी न मिलने के बाद अब यात्रियों के पास ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। जब यह सबमरीन टाइटैनिक का मलबा दिखाने ले गई थी, तो यह पूरा दौरा केवल 8 घंटे का था। लेकिन अब तो 80 घंटे से भी ज्यादा समय हो गया है। इसे खोजने के लिए कई देश जुटे हुए हैं। इन पांच यात्रियों के सुरक्षित लौटने के लिए दुनिया प्रार्थना कर रही है। जानते हैं इस पनडुब्बी के बारे में।
22 फीट लंबी और 9 फीट चौड़ी इस पनडुब्बी में जो कक्ष है, वो 8 फीट का है। इसमें सभी 5 यात्री अंदर बैठे हैं। क्योंकि जितनी स्पेस है उस हिसाब से एकसाथ सटकर बैठना पड़ता है। ऐसे में 4 दिन बीत जाने पर इन यात्रियों की क्या हालत हो गई होगी। आमतौर पर सतह से टाइटैनिक तक उतरने में 3 घंटे लगते हैं। इस दौरान रोशनी कम कर दी जाती है और यात्री एक बरामदे के माध्यम से पानी के नीचे की गतिविधि देख सकते हैं।
'सबमर्सिबल' के अंदर कोई खिड़कियां नहीं हैं, जिससे हर 15 मिनट में एक सुरक्षा पिंग उत्सर्जित होने की उम्मीद होती है। इसकी निगरानी ऊपर से वॉच कर रहे दल द्वारा की जाती है। जहाज और सतह चालक दल लघु पाठ संदेशों के माध्यम से भी संवाद कर सकते हैं। जहाज में ऑन-बोर्ड नेविगेशन प्रणाली का अभाव है।
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