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अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब बिहार में बनेगा माता सीता का मंदिर, सरकार अधिग्रहण करेगी 50 एकड़ जमीन

 Published : Mar 19, 2024 04:02 pm IST,  Updated : Mar 19, 2024 04:02 pm IST

बिहार सरकार ने राम भक्तों को खुशखबरी दी है। बिहार सरकार ने फैसला किया है कि अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब वे सीतामढ़ी जिले में माता सीता का एक विशाल मंदिर बनवाएंगे।

Bihar, Sitamarhi- India TV Hindi
सीता जन्मस्थली मंदिर Image Source : X

पटना: अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद, सरकार उत्तर बिहार के सीतामढ़ी जिले में सीता माता के लिए एक भव्य मंदिर बनाने की तैयारी कर रही है। बिहार सरकार ने नया मंदिर बनाने के लिए सीतामढ़ी में मौजूदा मंदिर के आसपास 50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने का फैसला किया है। जानकारी दे दें कि यह फैसला शुक्रवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। जानकारी दे दें कि सीतामढ़ी जिले पुनौरा धाम को माता सीता का जन्म स्थान माना जाता है।

सीता के लिए सीतामढ़ी वही है जो राम के लिए अयोध्या

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, पूर्व एमएलसी व बीजेपी नेता कामेश्वर चौपाल ने कहा, “सीता के लिए सीतामढ़ी वही है जो राम के लिए अयोध्या है। यह हिंदुओं के लिए पवित्र जगह है। दुनिया भर से लोग अब अयोध्या में राम मंदिर में पूजा करने आएंगे और सीता की जन्मस्थली भी देखना चाहेंगे। हमारा तर्क यह है कि सीता के लिए उनके कद के अनुरूप एक भव्य मंदिर, सीतामढ़ी जिले में बनाया जाना चाहिए” जानकारी दे दें कि चौपाल ने 1989 में अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के दौरान पहली ईंट रखी थी। इसके अलावा चौपाल अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं।

50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

चौपाल ने आगे कहा, “सीतामढ़ी में एक मंदिर है जो करीबन 100 साल पहले बनाया गया था, लेकिन यह अच्छी स्थिति में नहीं है। हमारा प्रस्ताव एक नए मंदिर निर्माण का है जो अयोध्या में राम मंदिर जितना ही भव्य हो" 50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण उस 16.63 एकड़ के अतिरिक्त होगा जिसे बिहार सरकार ने मौजूदा मंदिर परिसर के आसपास पुनर्विकास के लिए पहले से अधिग्रहित किया है। मंदिर का निर्माण राम मंदिर की तर्ज पर ही एक सार्वजनिक ट्रस्ट के जरिए जुटाए गए पैसों से किया जाएगा।

प्रधान सचिव ने दी जानकारी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “सरकार मंदिर नहीं बना सकती, लेकिन राज्य में यह मांग उठती रही है कि यहां एक भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए। सरकार इसे संभव बनाने के लिए भूमि का अधिग्रहण कर रही है।

सिद्धार्थ ने आगे कहा, “जब मंदिर बनेगा, तो क्षेत्र को बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की सेवा करने की जरूरत होगी। होटल और सार्वजनिक सुविधाएं जैसी मूल सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत होगी। भूमि अधिग्रहण का निर्णय क्षेत्र में भविष्य के विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। हम राम मंदिर के निर्माण के बाद इस स्थान में अधिक रुचि देख रहे हैं। इसमें तिरूपति जैसी साइट विकसित करने की क्षमता है, और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उस तरह के विकास के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो।”

रामायण सर्किट का हिस्सा

सीतामढ़ी रामायण सर्किट का हिस्सा है, जो रामायण में वर्णित 15 महत्वपूर्ण स्थानों का एक समूह है, जिसे केंद्र सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहचाना है। जानकारी दे दें कि नए मंदिर की मांग काफी समय से हो रही है, लेकिन कुछ साल पहले अयोध्या में मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद से इसमें तेजी आई है। बिहार सरकार ने क्षेत्र में एक पुनर्विकास परियोजना को मंजूरी दी थी और इस साल की शुरुआत में इसके लिए 72 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

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