Bihar Assembly Election: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों और जनता की नजरें राज्य की उजियारपुर विधानसभा सीट पर भी है। बिहार में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को चुनाव का परिणाम सामने आएगा। उजियारपुर बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एक है और इसका निर्वाचन क्षेत्र संख्या 134 है। उजियारपुर बिहार के समस्तीपुर जिले और उजियारपुर लोकसभा सीट के तहत आता है। आइए जानते हैं कि क्या है उजियारपुर सीट का चुनावी समीकरण।
उजियारपुर एक सामान्य कैटेगरी की विधानसभा सीट है। यानी कि ये सीट किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है। इस सीट से वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता आलोक कुमार मेहता विधायक हैं। उन्होंने 2020 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता शील कुमार रॉय को 23,268 मतों के अंतर से हराया था। उजियारपुर प्रमुख रूप से ग्रामीण क्षेत्र है, जहां शहरी मतदाता काफी कम हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 में हुए बिहार चुनाव के दौरान उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 2 लाख 90 हजार मतदाता थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उजियारपुर सीट पर अनुसूचित जातियों की भागीदारी करीब 19 फीसदी और मुस्लिम समुदाय की भागीदारी करीब 10 फीसदी है।
उजियारपुर कमाल निर्वाचन क्षेत्र में बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर को वोटिंग होगी। इस दिन राज्य के अन्य 121 सीटों पर भी वोटिंग होगी। अन्य सीटों के साथ ही महुआ सीट पर हुए चुनाव का परिणाम भी 14 नवंबर जारी किया जाएगा।
साल 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उजियारपुर सीट पर राजद नेता आलोक कुमार मेहता को 90,601 (48.81 प्रतिशत) वोट मिले और उन्होंने भाजपा के शील कुमार रॉय को हराया, जिन्हें 67,333 (36.27 प्रतिशत) वोट मिले। तीसरे स्थान पर, निर्दलीय उम्मीदवार नवल पासवान को 4,759 (2.56 प्रतिशत) वोट मिले।
2015: आलोक कुमार मेहता (राजद)
2010: दुर्गा प्रसाद सिंह (राजद)
ये भी पढ़ें- Bihar Assembly Election 2025: किसके पाले में जाएगी सिमरी-बख्तियारपुर सीट? जानें किसका है दबदबा, क्या कहता है समीकरण
संपादक की पसंद