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क्या बिहार में कोरोना की तीसरी लहर आ गयी है, जानें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने क्या कहा?

 Reported By: Nitish Chandra @NitishIndiatv
 Published : Dec 30, 2021 07:54 pm IST,  Updated : Dec 30, 2021 07:54 pm IST

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि इसके अलावा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक लगवाया गया है, सप्लाई शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले टेस्ट ड्राइव करवाया गया। अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की, नर्स की पिछले 1 साल में हम लोगों ने बहाली की है जो मैन पावर है उसको बेहतर कर रहे हैं।

Mangal Pandey, Bihar Health Minister - India TV Hindi
Mangal Pandey, Bihar Health Minister  Image Source : ANI FILE PHOTO

Highlights

  • बिहार में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर क्या है तैयारी?
  • स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में दी पूरी जानकारी
  • पहली और दूसरी लहर के अनुभव से बहुत कुछ सीखा है- मंगल पांडे

क्या बिहार में कोरोना की तीसरी लहर आ गयी है? बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में राज्य में कोरोना की स्थिति को लेकर कई सवालों के जवाब दिए। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में कहा कि ये तो दिख रहा है कि कि जिस तरह से नंबर ऑफ केसेज बढ़ रहे हैं, बिहार में जहां पहले महीनों में 2, 5, 8, 9 केस मिलते थे वहीं अब 27, 47, 77 मिलने लगे हैं। केस बढ़ता हुआ दिख रहा है, आज एक्टिव केस की संख्या भी बढ़ गयी है, सावधानी और सतर्कता बढ़ानी होगी। पहली और दूसरी लहर का जो अनुभव आया उस अनुभव के आधार पर राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन पाइप लाइन की व्यवस्था करना, फिर ऑक्सीजन जनरेशन की व्यवस्था करना, लगभग 121 जगहों पर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। 

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि इसके अलावा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक लगवाया गया है, सप्लाई शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले टेस्ट ड्राइव करवाया गया। अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की, नर्स की पिछले 1 साल में हम लोगों ने बहाली की है जो मैन पावर है उसको बेहतर कर रहे हैं। जो वेंटीलेटर चलाने के लिए टेक्नीशियन की कमी थी, टेक्निकल स्टाफ की कमी को ट्रेनिंग इस बीच करवाई गयी, अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाए गए, भारत सरकार की तरफ से भी मॉनिटर की जा रही है। 

 
सबसे पहले साउथ अफ्रीका में ओमिक्रोन आया, वहां 24 प्रतिशत का डिक्लाइन 1 महीने में आया, लेकिन इंडिया में क्या होगा अभी नहीं कहा जा सकता। हम लोग करीब 10 करोड़ वैक्सीनेशन कर चुके हैं। देश मे टॉप 5 राज्यों में बिहार है। पहले भी विद्यालयों में टीका दे रहे थे, इस बार भी देंगे हाईस्कूल में, जहां 15 साल से ऊपर के बच्चे या प्लस टू स्कूल के बच्चे उन जगहों पर भी दिखा देंगे इसके अलावा हमारे टीकाकरण केंद्र होगा बच्चों के लिए अलग लाइन बनेगी भारत सरकार के जो डायरेक्शन है उनको पालन करेंगे। ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन भी होगा और ऑनलाइन भी होगा। अभी 15 साल से 18 साल के बच्चों के लिए को वैक्सीन दिया जाएगा। 
 
देश के कई राज्यों में जिनोम सीक्वेंसिंग लैब नहीं है, पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट पुणे के अलावा कहीं नहीं था। अब आईजीएमएस में जीनोम लैब लगा दिया गया है, रेजेट की उपलब्धता में थोड़ी देरी हो रही है, लैब तैयार है। चुनिंदा राज्यों में लैब है, हम सैंपल वहां भेजते हैं, वहां से रिपोर्ट आती है। अभी तक जितनी रिपोर्ट आई है उनमें कोई ओमीक्रोन पॉजिटिव का केस नहीं है। 60 साल से ऊपर के जो लोग जिनको कोई बीमारी रही है ऐसे लोगों को और हेल्थ वर्कर्स को और फ्रंट लाइन वर्कर्स को 10 जनवरी से हम लोग बूस्टर डोज देंगे बूस्टर डोज के लिए बुजुर्गों को प्रिस्क्रिप्शन दिखाना पड़ेगा।

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