'बिहार में का बा'? इस सवाल का जवाब लोग अपने-अपने हिसाब से तलाश सकते हैं। लेकिन बिहार में अगर कुछ है फिलहाल तो वो है रंगदारी। नया मामला राजद विधायक की रंगदारी से जुड़ा हुआ है। राजद के ये विधायक कोई और नहीं बल्कि रीतलाल यादव हैं, जिनके घर पर बीते दिनों एसटीएफ की टीम ने रेड की थी और 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती करनी पड़ी थी, ताकि पटना और दानापुर के इलाके में कोई बवाल ना हो जाए। विधायक रीतलाल यादव ने जिस बिल्डर से रंगदारी मांगी थी, उस बिल्डर से जब इंडिया टीवी ने बात की तो उसने पुरी कहानी बता दी।
बता दें कि बिल्डर कुमार गौरव और राकेश कुमार ने इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। बता दें कि राकेश गौरव के पार्टनर हैं। उन्होंने हमें बताया कि रीतलाल यादव ने खुद बुलाकर 50 लाख रुपये मांगे थे। हालांकि समझौता 30 लाख पर हुआ और उसे 14 लाख रुपये दे भी दिया था। बिल्डर ने बताया कि विधायक अपने ही लोगों से कंस्ट्रक्शन मैटेरियल खरीदने का दबाव बनाता था, जिसके बाद 19 लाख का सामान देकर 33 लाक मांगा जाता था। कॉन्ट्रैक्टर विश्वनाथ सिंह की जमीन हमनें ली, उसके बारे में विधायक ने कहा कि उसको गोली हमलोगों ने ही मारी थी, फिर तुमने जमीन कैसे खरीद ली। वो जमीन हमारी होगी।
बिल्डर ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि रंगदारी के पैसे लेने पर बिल्डर से स्टाम्प पेपर पर कर्ज लेने की बात लिखवाई जाती है। बिल्डर ने बताया कि किस तरह वे इन सब रंगदारी के चक्कर में परेशान हो गए थे। लेकिन उसके खिलाफ पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। उन्होंने कहा कि मैं खुद यादव हूं लेकिन विधायक रंगदारी के मामले में जाति नहीं देखता। विधायक के इलाके में नीतीश कुमार सरकार की नहीं चलती है। वहां रीतलाल यादव की चलती है। विधायक की तरफ से बिल्डर पर लगाए गए आरोप पर बिल्डर ने कहा, 'यह पूरी तरह से झूठ है। किसी ग्रामीण को परेशानी होती तो वो सामने तो आता। विधायक ने ग्रामीणों को हमारे खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को कहा है, लेकिन जब कुछ हुआ ही नहीं तो कोई क्यों शिकायत करेगा।'
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