बिहार के सहरसा में एक घर में बंधक बनाए गए दो युवकों को छुड़ाने पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की की, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा भी पहुंचाया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही बयान पर 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में से एक, पूर्व वार्ड सदस्य निर्मल यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे रविवार को न्यायिक हिरासत में सहरसा न्यायालय भेज दिया गया।
शनिवार को दोपहर करीब 12:52 बजे डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि हिन्दुपुर के वार्ड नंबर 8 में दो युवकों को ग्रामीणों ने एक घर में बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां पहले से ही लोगों की भारी भीड़ जमा थी।
पुलिस की पूछताछ में बंधक युवकों ने अपनी पहचान सहरसा जिले के सिरादेय पट्टी (कहरा, वार्ड नंबर 07) निवासी भैरव कुमार और राहुल कुमार के रूप में बताई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप था कि दोनों युवक बिना अनुमति घर में घुसकर मोबाइल से फोटो खींच रहे थे, इसी वजह से उन्हें पकड़कर कमरे में बंद कर दिया गया था। घटना स्थल पर जब पुलिस टीम ग्रामीणों को समझा-बुझाकर कानून हाथ में न लेने की हिदायत दे रही थी, तभी भीड़ अचानक उग्र हो गई। आरोप है कि इसी दौरान कुछ महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी तथा जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किसी तरह सूझबूझ का परिचय दिया और भारी विरोध के बीच दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले आई।
घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय चौकीदार की मदद से मौके के वीडियो फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर हमलावरों की शिनाख्त की गई। इसके बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया। इस संदर्भ में सिमरी बख्तियारपुर के थानाध्यक्ष अमरनाथ कुमार ने बताया कि बंधक युवकों को छुड़ाने गई पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में नामजद आरोपी निर्मल यादव (पूर्व वार्ड सदस्य) को गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल अन्य अज्ञात व नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

(सहरसा से संजीव कुमार की रिपोर्ट)
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