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CBI ने 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अपने ही रिटायर्ड अफसर को किया गिरफ्तार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 03, 2020 09:49 pm IST,  Updated : Oct 03, 2020 09:49 pm IST

CBI ने एक कंपनी के खिलाफ मामले को निपटाने के लिए उससे कथित रूप से 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अपने हाल ही में रिटायर्ड हुए एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है।

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गिरफ्तार सीबीआई अफसर पर आरोप है कि उन्होंने एक कंपनी के खिलाफ मामले को निपटाने के लिए उससे 25 लाख रुपये की घूस मांगी थी। Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: CBI ने एक कंपनी के खिलाफ मामले को निपटाने के लिए उससे कथित रूप से 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अपने हाल ही में रिटायर्ड हुए एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उक्त अधिकारी बिहार के चारा घोटाले की जांच में शामिल थे और उन्होंने अन्य बड़े मामलों में भी तफ्तीश की है। अधिकारियों ने बताया कि पूर्व CBI अधिकारी एनएमपी सिन्हा को एक व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया गया जिसने कथित रूप से रिश्वत पहुंचाई थी। एजेंसी ने रिश्वत का धन भी बरामद कर लिया है।

सीबीआई ने कई स्थानों पर ली तलाशी

आरोप है कि CBI के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में पदस्थ रहे सिन्हा खनन कंपनी उषा मार्टिन को झारखंड में 2005 में लौह अयस्क खान का पट्टा दिये जाने से संबंधित मामले में उसके खिलाफ कथित धोखाधड़ी के मामले को देख रहे थे। सीबीआई ने शनिवार को अनेक शहरों में 8 स्थानों पर तलाशी ली। इनमें अधिकारी का फरीदाबाद स्थित आवास शामिल है। इसके अलावा रांची में उषा मार्टिन के कार्यालय और दिल्ली तथा गाजियाबाद के अन्य ठिकाने शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सिन्हा अगस्त में ही रिटायर हुए हैं।

’25 लाख रुपये की घूस मांगी थी’
सिन्हा पर आरोप है कि वह कंपनी के प्रतिनिधि के साथ संपर्क में थे और उन्होंने कंपनी के खिलाफ मामले को निपटाने के लिए उससे 25 लाख रुपये की घूस मांगी थी। एक सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर CBI के एक दल ने मामले में शामिल एक व्यक्ति को पकड़ा और रिश्वत की राशि भी जब्त की जो रिटायर्ड अधिकारी को दी गई थी। CBI के सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने उषा मार्टिन के कर्ताधर्ताओं, कंपनी और झारखंड सरकार के तत्कालीन खनन निदेशक आईडी पासवान के खिलाफ कथित आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

क्या है उषा मार्टिन का मामला?
आरोप है कि 2005 में सिंहभूम पश्चिम जिले के घाटकुरी गांव में लौह अयस्क की खान का पट्टा देने में पांच अन्य आवेदकों के सामने कंपनी की तरफदारी की गई। राज्य सरकार ने केंद्र से उषा मार्टिन की सिफारिश की थी क्योंकि कंपनी ने कथित तौर पर वादा किया था कि वह राज्य के घमरिया में अपने इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क का इस्तेमाल करेगी। सीबीआई का आरोप है कि बाद में कंपनी इस तथ्य की आड़ में अपने वादे से पलट गई कि इस संबंध में कैबिनेट नोट में विशेष कारण का विशिष्ट रूप से उल्लेख नहीं है।

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