दिल्ली में वायु प्रदूषण हेल्थ इमरजेंसी प्रॉब्लम बन गई है, डॉक्टर तक दिल्ली छोड़कर जाने का बोलते हैं। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित भट्ट ने आज इंडिया टीवी पर प्रदूषण और प्रदूषण से बचने के लिए क्या करना चाहिए, इस मुद्दे पर अपनी सलाह दी है। इससे निपटने का तरीका बताते हुए अमित भट्ट ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट में बदलाव जरूरी है। इसके लिए निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा, हमें एक इंफ्रास्ट्रचर बनाना पड़ेगा जो साइकिलिंग को प्रमोट करें। इसके अलावा हमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बसों को जोड़ना होगा। साथ ही बाकी व्हीकल्स को कैसे इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट कर सकते हैं, इस तरफ भी ध्यान देना होगा।

'गाड़ियों से एक-तिहाई प्रदूषण होता है'
नई दिल्ली में इंडिया टीवी द्वारा आयोजित पॉल्यूशन का सॉल्यूशन कॉन्क्लेव में बोलते हुए, भट्ट ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने की ज़रूरत है और सरकार को इसके लिए उसी हिसाब से नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें यह समझने की जरूरत है कि गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण हम पर कैसे असर डाल रहा है। गाड़ियों से एक-तिहाई प्रदूषण होता है। जब भी आप किसी चौराहे पर होते हैं, तो आप ऐसी हवा में सांस ले रहे होते हैं जो डाटा से कहीं ज्यादा प्रदूषित होती है। अगर हम गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण से नहीं निपटते हैं, तो हम हवा के प्रदूषण से नहीं निपट सकते।"
डॉक्टर भी देते हैं दिल्ली छोड़ने की सलाह'
भट्ट ने आगे कहा, "दिल्ली का एयर पॉल्यूशन एक हेल्थ इमरजेंसी है। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि लोगों को दिल्ली छोड़ देनी चाहिए, लेकिन यह सबके लिए मुमकिन नहीं है। हमें पैदल चलने, साइकिल चलाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहिए। हमें यह भी पक्का करना चाहिए कि मैन्युफैक्चरर्स साफ-सुथरी गाड़ियां बेचें। देश इस समस्या से तभी निपट पाएगा जब वह इसे हेल्थ इमरजेंसी मानेंगे।"
अपनी बात में, CAQM सदस्य ने यह भी कहा कि अब नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बनाने पर ध्यान देने का समय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए खासकर पैदल चलने और साइकिल चलाने को बढ़ावा देना चाहिए।