नई दिल्ली: दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAU) में SFI और वामपंथियों द्वारा अराजकता फैलाने का मामला सामने आया है। यहां महाशिवरात्रि पर व्रत रखने वाले छात्रों पर हिंसक हमला हुआ है और धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का हनन हुआ है। SFI कार्यकर्ताओं ने उपवास कर रहे छात्रों से मारपीट की है और जबरन मांसाहार परोसा है।
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क्या है पूरा मामला?
दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAU) में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में छात्रों ने व्रत रखा था। धार्मिक आस्था और परंपरा का सम्मान करते हुए, इन विद्यार्थियों ने पूर्व में ही मेस प्रशासन से अनुरोध किया था कि इस विशेष दिन पर उनके लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था की जाए। जब इस विषय में मेस प्रबंधक से चर्चा की गई, तो लगभग 110 छात्रों ने अपनी पुष्टि दी कि उन्हें उपवास का भोजन चाहिए। छात्रों की इस मांग को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो अलग-अलग मेस में से एक मेस में सात्विक भोजन की व्यवस्था की।
लेकिन कुछ वामपंथियों ने जानबूझकर इस धार्मिक सौहार्द्र को बिगाड़ने का प्रयास किया। जब व्रतधारी छात्रों के लिए निर्धारित मेस में सात्विक भोजन परोसा जा रहा था, तब एसएफआई से जुड़े लोगों ने वहां जबरन नॉनवेज परोसने का प्रयास किया। जब व्रतधारी छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया तो इन असामाजिक तत्वों ने न केवल उनकी बात को अनसुना किया, बल्कि उनके साथ जबरदस्ती करने लगे और फिर हाथापाई पर उतर आए। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था, बल्कि विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण माहौल को दूषित करने की भी एक कोशिश थी।
SAU के छात्र अंशुल शर्मा का बयान सामने आया
इस संबंध में SAU के छात्र अंशुल शर्मा ने कहा, 'वामपंथी गुंडों ने जानबूझकर माहौल को खराब किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही उचित व्यवस्था की थी, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। लेकिन कुछ लोगों ने इसे सहन नहीं किया और जबरदस्ती व्रतधारी छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। जब छात्रों ने शांति से इसका विरोध किया, तो उन्होंने अभद्रता, गाली-गलौच और हाथापाई शुरू कर दी। पीड़ित विद्यार्थियों ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर से की है और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।'
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, 'प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का पालन करने का अधिकार है, और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वयं मेस में सात्विक भोजन की व्यवस्था कर दी, तो उसमें जबरदस्ती मांसाहार परोसने की कोशिश करना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि वैचारिक आतंकवाद भी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस कृत्य की घोर निंदा करता है और मांग करता है कि प्रशासन उन वामपंथी गुंडों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करे, जिन्होंने इस सौहार्द्रपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और व्रतधारी छात्रों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सामान्य छात्रों के साथ हिंसा की।'
छात्रों के एक पक्ष ने पुलिस से शिकायत की है ,जबकि दूसरे पक्ष ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की है।