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IIT में पढ़ाए जाएंगे BIAS के मानक, जानिए क्या होता है ये

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Nov 30, 2022 11:50 pm IST,  Updated : Nov 30, 2022 11:50 pm IST

यह पहल संबंधित संस्थानों में विज्ञान एवं विभिन्न विषयों के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता और कुशल नेतृत्व को बढ़ावा देगी। BIAS के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने इस नई पहल को लेकर कहा कि देश के इन जाने-माने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और BIAS के बीच समझौता हुआ है।

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IIT में पढ़ाए जाएंगे BIAS के मानक Image Source : FILE

भारतीय मानक ब्यूरो (BIAS) के अंतर्गत आने वाले भारतीय मानकों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। IIT समेत देशभर के छह शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए आगे आए हैं। भारतीय मानक ब्यूरो ने इसे शामिल करने के लिए देश के शीर्ष छह इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ एमओयू भी किया है। यह पहल शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ BIAS के संस्थागत जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए की गई है।

इंजीनियरिंग संस्थानों में 'BIAS मानकीकरण चेयर प्रोफेसर' की उपस्थिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बीएचयू, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान त्रिची के साथ समझौता किया गया है।

IIT और BIAS के बीच समझौता हुआ है

यह पहल संबंधित संस्थानों में विज्ञान एवं विभिन्न विषयों के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता और कुशल नेतृत्व को बढ़ावा देगी। BIAS के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने इस नई पहल को लेकर कहा कि देश के इन जाने-माने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और BIAS के बीच समझौता हुआ है। यह मानकीकरण प्रक्रिया के क्षेत्र में युवा आबादी की भागीदारी को प्रोत्साहित करने, कार्यशाला, प्रशिक्षण और संक्षिप्त शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन करके मानक निर्माण गतिविधियों को मजबूत करेगा और इसे आगे बढ़ाएगा।

उन्होंने नए मानकों के निर्माण और मौजूदा के अनुपालन में शैक्षणिक संस्थानों में स्टार्ट-अप और इंक्यूबेशन केंद्रों के साथ जुड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह भी अनुमान लगाया गया है कि प्रौद्योगिकी उन्मुख उत्पादों और सेवाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार और मानकों के विकास को एक साथ जोड़ा जाएगा।

इनका मिलेगा सहयोग

IIT बीएचयू के डीन (आर एंड डी) प्रो. विकास दुबे, एमएनआईटी के निदेशक डॉ. नारायण प्रसाद पाढ़ी, IIT इंदौर में निदेशक डॉ. सुहास एस. जोशी, IIT पटना के निदेशक प्रोफेसर टी.एन सिंह, IIT मद्रास में पूर्व छात्र और कॉपोर्रेट संबंध के डीन प्रोफेसर महेश पंचाग्नुला और एनआईटी त्रिची में डीन आरएंडसी डॉ. एस मुथुकुमारन ने इस पहल के प्रति अपनी वचनबद्धता का आश्वासन दिया और सभी प्रकार से आवश्यक सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की।

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