नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव में बदले राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है। भाजपा सूत्रों ने सोमवार को इस बात को रेखांकित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे किसी समझौते पर अमल हो सकता है।
शिवसेना और भाजपा ने 288 सीटों वाली विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव के संदर्भ में फरवरी में बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमति व्यक्त की थी। यह सहमति भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच लोकसभा सीटों के बंटवारे पर बातचीत के बाद बनी थी।
हालांकि, केंद्र में भाजपा के बड़े बहुमत से सत्ता में वापसी करने तथा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के बाद पार्टी को लोगों का जन समर्थन मिलने के विश्वास के मद्देनजर पार्टी के एक तबके को लगता है कि सहयोगी दल के साथ चुनाव संबंधी समझौते के विषय पर फिर से बातचीत की जानी चाहिए।
भाजपा के एक नेता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस गठबंधन के सबसे बड़े नेता के रूप में उभरे हैं और उन्हें समाज के सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी इस विषय पर मांग रखती है तो शिवसेना के पास उस पर सहमत होने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा।
संबंधित नेता ने कहा कि भाजपा राज्य में 160-170 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। इस बीच, विधानसभा चुनाव में कौन पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी, इस बारे में दोनों दलों की ओर से अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। साल 2014 के चुनाव में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था क्योंकि सीटों के बारे में समझौता नहीं हो सका था।भाजपा 122 और शिवसेना 63 सीटों पर विजयी रही थी।
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