'मुस्लिम महिलाओं को चुनाव में टिकट देने वाले इस्लाम के खिलाफ', जामा मस्जिद के शाही इमाम के विवादित बयान

शाही इमाम ने कहा ने कहा, औरतें जिन्हें मस्जिद और मजार में जाने की इजाज़त नहीं, वो असेंबली में कैसे जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को चुनावी टिकट देने वाले इस्लाम के खिलाफ हैं, वो मजहब को कमजोर कर रहे हैं।

Malaika Imam Written By: Malaika Imam @MalaikaImam1
Updated on: December 04, 2022 18:52 IST
शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी - India TV Hindi
Image Source : ANI शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी फेज के लिए कल यानी 5 दिसंबर को वोटिंग होनी है। इस बीच, चुनाव को लेकर अहमदाबाद की जामा मस्जिद के शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी ने सियासी पार्टियों पर हमला बोला है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के चुनाव लड़ने पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को चुनाव में टिकटे देने वाले इस्लाम के खिलाफ हैं। 

अहमदाबाद की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा, "जिन्हें मस्जिद और मजार में जाने की इजाज़त नहीं, वो असेंबली में कैसे जा सकती हैं। मुस्लिम महिलाओं को चुनावी टिकट देने वाले इस्लाम के खिलाफ हैं, वो मजहब को कमजोर कर रहे हैं। क्या कोई आदमी नहीं बचा है, जिसे चुनाव में टिकट दिया जा सके?"

शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम की बात लाई है, तो कहना चाहूंगा कि अभी नमाज के दौरान देखा कि मस्जिद में एक भी औरत नजर नहीं आई। इस्लाम में सबसे ज्यादा अहमियत नमाज को दी जाती है। अगर औरतों का इस तरह से लोगों के सामने आना जायज होता, तो उन्हें मस्जिद से नहीं रोका जाता। मस्जिद से रोक दिया गया, क्योंकि इस्लाम में औरतों का एक मकाम है।

उन्होंने कहा कि इस तरह बिना मजबूरी औरतों को विधायक, पार्षद बनाएंगे, तो हम हिजाब को महफूज नहीं रख सकेंगे। अगर हम हिजाब के मसले को हुकूमत के सामने रखें, तो वो कहेगी कि आपकी औरतें असेंबली में आ रही हैं, स्टेज पर बैठ रही हैं, इस्लाम में औरत की आवाज भी औरत है, इसलिए मैं इसका सख्त मुखालिफ हूं। 

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