अभिनेता राणा दग्गुबाती ने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली' से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। राणा फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। इस साल उन्हें फिल्मी दुनिया में 11 साल पूरे होने वाले हैं। हाल ही में उनकी तेलुगु फिल्म 'अरन्या' रिलीज हुई है। कई भाषाओं में रिलीज हुई इस फिल्म का तमिल वर्जन में शीर्षक 'कादन' और हिंदी में 'हाथी मेरे साथी' है।
हालांकि मुंबई में कोरोना के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण फिल्म की रिलीज को स्थगित कर दिया गया है। दादासाहेब फाल्के विजेता निर्माता डी.राम नायडू के पोते और तेलुगु सुपरस्टार वेंकटेश के भतीजे राणा दग्गुबाती ने 2010 में तेलुगु फिल्म 'लीडर' से करियर शुरू किया था।
इसके एक साल बाद उन्होंने रोहन हिप्पी की मल्टी स्टारर फिल्म 'दम मारो दम' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। राणा का कहना है, "जब मैं इंडस्ट्री में आया था, तब बहुत कम विकल्प थे। मैं कोई ऐसा कलाकार नहीं हूं जो रोमांटिक फिल्में करता हो।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं कॉलेज नहीं गया हूं इसलिए मैं ऐसी कहानियों से कभी जुड़ा ही नहीं। मैं ऐसा भी नहीं था जो बदला, एक्शन जैसी फिल्मों को बहुत पसंद करता हो, लिहाजा मेरे पास तो विकल्प और भी कम थे।" ब्लॉकबस्टर 'बाहुबली' में भल्लालदेव के किरदार से पूरे देश में मशहूर हुए राणा कहते हैं, "मैंने कभी भी भाषा को एक बाधा के रूप में नहीं रखा। जो मेरे सामने आया, वो काम मैंने किया।"
उन्होंने कहा, "जो मेरे सामने आया, मैंने वो काम किया." राणा ने पिछले एक दशक में बॉलीवुड में 'दम मारो दम' के अलावा 'बेबी', 'डिपार्टमेंट' 'ये जवानी है दीवानी', 'हाउसफुल 4', और 'वेलकम टू न्यूयॉर्क' जैसी फिल्मों में काम किया है।
वह कहते हैं, "अब मुझे तमिल, तेलुगु, मलयालम, हिंदी आदि में कई कहानियां मिलती हैं. इसलिए, मुझे लगता है कि यह एक कलाकार या निर्माता के लिए अच्छा है। वैसे भी कहानियां कहने के लिए आज से बेहतर समय नहीं है।"
(इनपुट-आईएएनएस)
संपादक की पसंद