1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. टीवी
  4. अब कहां हैं महाभारत की खूबसूरत उत्तरा, शकुनी मामा ने संवारी थी किस्मत, अब हो गई हैं पहले से भी हसीन

अब कहां हैं महाभारत की खूबसूरत उत्तरा, शकुनी मामा ने संवारी थी किस्मत, अब हो गई हैं पहले से भी हसीन

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Apr 16, 2026 07:03 am IST,  Updated : Apr 16, 2026 07:03 am IST

1988 में रिलीज हुई बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' आज भी लोगों के जेहन में है। इस शो में उत्तरा का किरदार काफी चर्चा में आया था, जिसकी किस्मत मामा शकुनी यानी एक्टर गूफी ने संवारी थी। अब ये कहां हैं और क्या कर रही हैं, जानें।

Mahabharat Uttara - India TV Hindi
उत्तरा यानी एक्ट्रेस वर्षा। Image Source : STILL FROM MAHABHARAT

भारतीय मनोरंजन जगत में कुछ कलाकारों का सफर इतना अप्रत्याशित होता है कि वो बिल्कुल किसी फिल्मी कहानी की तरह ही लगता है। टेलीविजन और सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई कहानियां दर्ज हैं जहां सितारों को उनकी मंजिल किसी योजना के तहत नहीं, बल्कि किस्मत की वजह से मिली। एक ऐसी ही शानदार अभिनेत्री के करियर की शुरुआत भी कुछ इसी अंदाज में हुई, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से न केवल क्षेत्रीय सिनेमा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। इस एक्ट्रेस का सफर 80-90 के दशख के सबसे शानदार टीवी शो के साथ हुआ। हम बात कर रहे हैं 'महाभारत' की, उनकी खूबसूरती का जादू देखने को मिला और आज भी लोग इस शो की उत्तरा को याद करते हैं।

एक इत्तेफाक और महाभारत का सफर

मराठी और हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर को आज भी कई लोग 'महाभारत' की 'उत्तरा' के रूप में याद करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक धारावाहिक का हिस्सा बनने के लिए उन्होंने कभी कोई औपचारिक ऑडिशन नहीं दिया था। वर्षा के पिता हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटी इस महान गाथा का हिस्सा बने, लेकिन संयोग तब बना जब शो शुरू होने के एक साल बाद वर्षा महज एक दर्शक के तौर पर अपने परिवार के साथ शूटिंग देखने सेट पर पहुंचीं। उस समय निर्माता युवा अभिमन्यु की कहानी के लिए 'उत्तरा' के किरदार की तलाश में थे। सेट पर मौजूद गुफी पेंटल जो शकुनी मामा के किरदार के लिए प्रसिद्ध थे की नजर वर्षा पर पड़ी और उन्होंने तुरंत उन्हें इस भूमिका का प्रस्ताव दे दिया। वर्षा के माता-पिता की सहमति के बाद बिना किसी स्क्रीन टेस्ट के उन्हें इस प्रतिष्ठित शो में चुन लिया गया।

नृत्य से मिली पहचान और बॉलीवुड में दस्तक

धारावाहिक में वर्षा की एंट्री एक कथक डांसर के रूप में हुई थी, दरअसल इनका किरदार एक नृत्यांगना का था, उनके डांस सीक्वेंस को दिग्गज कोरियोग्राफर गोपी कृष्णा ने निर्देशित किया था। इस एक दृश्य ने उन्हें रातों-रात पूरे देश में मशहूर कर दिया। हालांकि वर्षा ने अपने अभिनय की शुरुआत मराठी रंगमंच से की थी और सचिन पिलगांवकर ने उन्हें फिल्म 'गम्मत जम्मत' के जरिए ब्रेक दिया था, लेकिन 'महाभारत' की अपार सफलता ने उनके लिए बॉलीवुड के द्वार खोल दिए। इसके बाद उन्होंने 1990 में जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म 'दूध का कर्ज' से हिंदी सिनेमा में अपने सफर का आगाज किया। वर्षा उसगांवकर का मानना है कि हिंदी फिल्मों में काम करना उनके लिए किसी सुनहरे सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने 'दूध का कर्ज', 'तिरंगा', 'हनीमून', 'घर आया मेरा परदेसी' और 'इंसानियत के देवता' जैसी कई चर्चित फिल्मों में अपने अभिनय और खूबसूरती का जलवा बिखेरा। वहीं मराठी सिनेमा में 'गम्मत जम्मत', 'लपंडाव' और 'भुताचा भाऊ' जैसी फिल्में उनकी बड़ी हिट रहीं।

क्षेत्रीय और हिंदी सिनेमा का अंतर

अपने अनुभव साझा करते हुए वर्षा बताती हैं कि मराठी और हिंदी फिल्म उद्योगों की कार्यशैली और प्राथमिकताओं में काफी अंतर है। उनके अनुसार जहां मराठी सिनेमा में कहानी की गहराई और सशक्त किरदारों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, वहीं हिंदी सिनेमा में ग्लैमर, स्टाइल और लुक्स को काफी महत्व मिलता है। हिंदी फिल्मों में एक अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनना जरूरी होता है, जबकि मराठी फिल्मों में सादगी और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाती है।

वर्षा का करियर

अभिनय के अलावा वर्षा उसगांवकर एक कुशल गायिका भी हैं। वे आज भी मराठी, हिंदी और कोंकणी कला जगत में पूरी तरह सक्रिय हैं। समय बीतने के साथ उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है, वे आज भी विभिन्न टीवी शोज का हिस्सा बनती हैं और सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं। टेलीविजन की बात करें तो 'महाभारत' में उत्तरा के किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय कर दिया। इसके अलावा उन्होंने 'झांसी की रानी' और 'अलविदा डार्लिंग' जैसे शोज में भी अभिनय किया। हाल के वर्षों में वह मराठी टेलीविजन पर काफी सक्रिय रही हैं। उन्हें आखिरी बार स्टार प्रवाह के लोकप्रिय मराठी धारावाहिक 'सुख म्हणजे नक्की काय असतं!' में 'माई' (नंदिनी शिर्के पाटिल) की महत्वपूर्ण भूमिका में देखा गया था।

ये भी पढ़ें:  9.3 रेटिंग वाला शो, पॉपुलेरिटी में छोड़ा 'रामायण' को पीछे, TRP के तोड़े रिकॉर्ड, 820 एपिसोड करके बदली हीरो की तकदीर

मुस्लिम एक्टर ने हिंदू हीरोइन को बीफ खाने के लिए किया फोर्स, वीडियो देख भड़के लोग, सुना रहे खरीखोटी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। TV से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन