Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के नेता अवधेश प्रसाद ने नमाज पढ़ी है। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में सपा नेता अवधेश प्रसाद को नमाज पढ़ते हुए वीडियो के माध्यम से दिखाया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया है। इसके साथ ही वीडियो के कैप्शन में लिखा है, 'समाजवादी अयोध्या का राजा'। वहीं एक अन्य यूजर ने भी सोशल मीडिया पर इसी वीडियो को शेयर किया है। इस यूजर ने भी अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, 'समाजवादी अयोध्या का राजा'। इसके अलावा इस यूजर ने कैप्शन में '#Ramadan' भी लिखा है।

फैक्ट चेक
चूंकि वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा था, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। दावे की सत्यता जानने के लिए हमने Google कीवर्ड सर्च किया। इस दौरान हमें इसी वीडियो क्लिप से संबंधित कई सारे न्यूज आर्टिकल मिले। हालांकि इन आर्टिकल्स में सपा नेता अवधेश प्रसाद का कहीं भी जिक्र नहीं था। इस वीडियो से जुड़ी एक खबर आजतक पर मिली जिसे, 'सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने पढ़ी नमाज़, छिड़ गया सियासी विवाद, देखिए' शीर्षक के साथ पब्लिश किया गया था।
इसमें साफ तौर पर बताया गया था कि सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक मस्जिद में नमाज पढ़ी थी, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने काफी सवाल उठाए थे। हालांकि सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस पर कहा, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हम मंदिर जाते हैं, गुरुद्वारा जाते हैं, चर्च जाते हैं। इसमें कोई सियासी मकसद नहीं है।"

फैक्ट चेक में क्या निकला?
India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट को सपा नेता अवधेश प्रसाद से जोड़कर बताया जा रहा है। हालांकि फैक्ट चेक में ये दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।
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