दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम करीब 6:52 बजे धीमी गति से चल रही कार में धमाका हो गया। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, 20 लोग घायल भी हुए हैं। विस्फोट में कई वाहन जल गए। घटना के बाद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक धमाके की तस्वीर शेयर हो रही है, जिसे यूजर्स दिल्ली का बता रहे हैं। हालांकि, हमारे फैक्ट चेक में इस दावे की सच्चाई कुछ और ही सामने आई है।
क्या हो रहा है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 10 नवंबर 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा- “दिल्ली, भारत से एक भीषण धमाके की खबर सामने आई है। यह विस्फोट लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास, भीड़भाड़ वाले और हाई सिक्योरिटी वाले चांदनी चौक क्षेत्र में हुआ। जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट का कारण गैस सिलेंडर लीक या वाहन की बैटरी में खराबी हो सकता है, लेकिन अधिकारी आतंकी साजिश की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। खासकर तब जब कुछ दिन पहले हरियाणा में 2,900 किलो विस्फोटक के साथ एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल पकड़ा गया था। अब तक किसी भी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है।”

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई पता लगाने के लिए हमने वीडियो के की-फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से जांचा। इस दौरान हमें mtv की वेबसाइट पर 29 सितंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। जहां वायरल विजुअल मौजूद था। mtv की रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइल द्वारा लेबनान पर हमले तेज करने के साथ ही बेरूत पर जोरदार हवाई हमले जारी हैं। MTV से मिले क्लू के आधार पर हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया कि वायरल तस्वीर दिल्ली ब्लास्ट की नहीं है।

पड़ताल के अगले क्रम में हमें न्यूज 18 की वेबसाइट पर 28 सितंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। जहां वायरल विजुअल मौजूद था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हिज़बुल्लाह की मिसाइल इकाई के कमांडर मोहम्मद अली इस्माइल, उनके डिप्टी और ईरान समर्थित इस संगठन के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को एयरस्ट्राइक में मार गिराया है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमें Press Trust of India (PTI) का एक एक्स पोस्ट मिला, जिसमें दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा वीडियो साझा किया गया था। हालांकि, यह वीडियो वायरल हो रहे क्लिप से मेल नहीं खाता।

पड़ताल के अंत में जब हमने वायरल वीडियो की तुलना 2024 की रिपोर्ट में प्रकाशित वीडियो से की, तो दोनों में कोई अंतर नहीं मिला।

फैक्ट चेक में क्या निकला?
हमारी पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर दिल्ली में सोमवार को हुए धमाके की नहीं है, बल्कि यह लेबनान में 2024 में हुए एक धमाके की है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। (इनपुट: भाषा)