-
Image Source : Pexels
ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति की बाहरी आदतों को उसके भाग्य और ग्रहों की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। नाखूनों की स्थिति भी इन्हीं संकेतों में से एक है। नाखून केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं होते, बल्कि ये बताते हैं कि व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा, अनुशासन और संतुलन किस स्तर पर है। गंदे, टूटे या उपेक्षित नाखून ग्रहों की नकारात्मक शक्ति को बढ़ा सकते हैं, जिससे जीवन में रुकावटें, असफलता और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।
-
Image Source : Pexels
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गंदे नाखून जीवन में अव्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक होते हैं। ऐसे लोग कई बार सही मौके पहचान नहीं पाते और निर्णय लेने में भ्रमित रहते हैं। लगातार काम बिगड़ना, मेहनत का पूरा फल न मिलना और आत्मविश्वास की कमी इसी का संकेत मानी जाती है।
-
Image Source : Pexels
ज्योतिष में राहु को भ्रम, अचानक बाधा और अस्थिरता का कारक माना जाता है। नाखूनों में जमा गंदगी राहु की उग्रता को और बढ़ा देती है। इसके कारण व्यक्ति गलत फैसले लेने लगता है, काम बनते-बनते अटक जाते हैं और बार-बार निराशा का सामना करना पड़ता है।
-
Image Source : Pexels
नाखूनों का सीधा संबंध शनि ग्रह से भी माना गया है। गंदे या टूटे नाखून शनि दोष को मजबूत कर देते हैं। इसका असर करियर, नौकरी और आर्थिक स्थिति पर दिखाई देता है। आय में रुकावट, खर्चों में बढ़ोतरी और मेहनत के बाद भी स्थिरता न मिलना इसके प्रमुख संकेत हैं।
-
Image Source : Pexels
मेडिकल ज्योतिष के अनुसार नाखून और बाल केतु ग्रह से जुड़े होते हैं। गंदे नाखून मानसिक असंतुलन, बेचैनी और भ्रम बढ़ा सकते हैं। वहीं नाखून चबाने की आदत मंगल और केतु की कमजोरी का संकेत मानी जाती है, जिससे गुस्सा, चिड़चिड़ापन और थकान बनी रहती है।
-
Image Source : Pexels
नाखूनों को साफ और व्यवस्थित रखना शुक्र ग्रह को मजबूत करता है, जो सुख और समृद्धि का कारक है। बुधवार और शुक्रवार को नाखून काटना शुभ माना जाता है, जबकि शनिवार को इससे बचना चाहिए। नियमित सफाई से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में संतुलन लौटता है।