लिमिटेड ओवर्स के क्रिकेट में गेंदबाजों को बल्ले से पूरी तरह खुद को साबित करने का मौका नही मिलता है। जिसके चलते कभी कभार निचले क्रम के गेंदबाजों को पिंच हीटर की तरह आते ही बड़े - बड़े शॉट्स लगाने पड़ता हैं। हलांकि क्रिकेट के असली खेल टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों के पास समय भी होता है और खलने का भरपूर मौका भी मिलता है। जिसमें वो संयम के साथ निचले क्रम में आकर कभी - कभार शानदार पारी खेल टीम को मजबूती प्रदान करते हैं। इस तरह हम आपको बतायेंगे तीन ऐसे भारतीय गेंदबाजों के बारे में जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में शतक मार अपनी बल्लेबाजी का दमदार नमूना पेश किया है।
इस खिलाड़ी को करियर कि शुरुआत में अगला सचिन तेंदुलकर बोला जाता था मगर बल्लेबाजी की जगह अजीत अगरकर को तेज गेंदबाजी में सटीक लाइन एंड लेंथ के कारण एक गेंदबाज के रूप में जाना गया। इसके बावजूद 2002 के लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए दूसरी पारी में अजीत अगरकर ने नाबाद 109 रन बनाए। यह उनका एकमात्र टेस्ट शतक था।
जम्बो के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय कप्तान ने टेस्ट क्रिकेट शुरू होने के कई सालों बाद शतक जड़ा। उम्र के साथ उनकी तकनीक में सुधार होता गया और इसे ढाल बनाते हुए अनिल ने शतक जड़ा। अनिल कुंबले ने भी इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल में शतक जड़ा था। उन्होंने अपनी पारी में नाबाद 110 रन की पारी खेली थी। वह मुकाबला ड्रॉ के रूप में समाप्त हुआ था।
हरभजन सिंह ने दो बार टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ा है। ख़ास बात यह भी है कि दोनों शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार जड़े थे। 2010 में अहमदाबाद टेस्ट मैच की दूसरी पारी के दौरान 115 रन बनाने वाले हरभजन ने हैदराबाद में खेले गए अगले मैच में भी पहली पारी के दौरान नाबाद 111 रन की पारी खेली थी।