Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. दुनिया
  4. किस देश के पास है दुनिया का सबसे बड़ा और घातक युद्धपोत?

किस देश के पास है दुनिया का सबसे बड़ा और घातक युद्धपोत?

Dharmendra Kumar Mishra Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Dec 07, 2025 03:10 pm IST, Updated : Dec 07, 2025 03:10 pm IST
  • दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) के पास है। इसका नाम USS Gerald R. Ford (CVN-78) है, जो गेराल्ड आर. फोर्ड क्लास का पहला जहाज है।
    Image Source : AP
    दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) के पास है। इसका नाम USS Gerald R. Ford (CVN-78) है, जो गेराल्ड आर. फोर्ड क्लास का पहला जहाज है।
  • यह 2017 में कमीशन किया गया था और दुनिया का सबसे बड़ा और उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है। इसकी कुल विस्थापन क्षमता लगभग 100,000 टन है, जो इसे अन्य सभी से बड़ा बनाता है।
    Image Source : AP
    यह 2017 में कमीशन किया गया था और दुनिया का सबसे बड़ा और उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है। इसकी कुल विस्थापन क्षमता लगभग 100,000 टन है, जो इसे अन्य सभी से बड़ा बनाता है।
  • यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड सुपरकैरियर है, जो अमेरिकी नौसेना की शक्ति का प्रतीक है। USS Gerald R. Ford की लंबाई 1,106 फीट (337 मीटर), चौड़ाई 78 फीट (24 मीटर), विस्थापन 100,000 टन से अधिक है।
    Image Source : AP
    यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड सुपरकैरियर है, जो अमेरिकी नौसेना की शक्ति का प्रतीक है। USS Gerald R. Ford की लंबाई 1,106 फीट (337 मीटर), चौड़ाई 78 फीट (24 मीटर), विस्थापन 100,000 टन से अधिक है।
  • यह युद्धपोत दो A1B न्यूक्लियर रिएक्टरों से संचालित है, जो 20 साल से अधिक समय तक ईंधन के बिना चल सकता है और 30+ नॉट्स (55 किमी/घंटा) की अधिकतम गति देता है। इसमें EMALS (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम) का उपयोग किया गया है, जो पारंपरिक स्टीम कैटापल्ट से ज्यादा कुशल और कम रखरखाव वाला है।
    Image Source : AP
    यह युद्धपोत दो A1B न्यूक्लियर रिएक्टरों से संचालित है, जो 20 साल से अधिक समय तक ईंधन के बिना चल सकता है और 30+ नॉट्स (55 किमी/घंटा) की अधिकतम गति देता है। इसमें EMALS (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम) का उपयोग किया गया है, जो पारंपरिक स्टीम कैटापल्ट से ज्यादा कुशल और कम रखरखाव वाला है।
  • यह 75 से अधिक विमानों को साथ ले जा सकता है, जिसमें F-35C फाइटर जेट्स, E-2D हॉकआई AWACS, MH-60R हेलीकॉप्टर आदि शामिल हैं।
    Image Source : AP
    यह 75 से अधिक विमानों को साथ ले जा सकता है, जिसमें F-35C फाइटर जेट्स, E-2D हॉकआई AWACS, MH-60R हेलीकॉप्टर आदि शामिल हैं।
  • इसमें ड्यूल-बैंड रडार (DBR) सिस्टम है, जो हाई-रेजोल्यूशन ट्रैकिंग और मिसाइल डिफेंस के लिए उन्नत है। इसके अलावा यह RIM-162 ESSM मिसाइलें, RIM-116 RAM, फलानक्स CIWS तोपें और मशीन गन्स से लैस है, जो हवाई और सतही खतरों से बचाव के लिए हैं।
    Image Source : AP
    इसमें ड्यूल-बैंड रडार (DBR) सिस्टम है, जो हाई-रेजोल्यूशन ट्रैकिंग और मिसाइल डिफेंस के लिए उन्नत है। इसके अलावा यह RIM-162 ESSM मिसाइलें, RIM-116 RAM, फलानक्स CIWS तोपें और मशीन गन्स से लैस है, जो हवाई और सतही खतरों से बचाव के लिए हैं।
  • इसकी क्रू क्षमता लगभग 4,500 नाविक और एयर विंग पर्सनल की है, जिसमें ऑटोमेशन से क्रू की संख्या 25% कम है। इसके फ्लाइट डेक पर 25% ज्यादा स्पेस है, जो विमान संचालन को तेज और सुरक्षित बनाता है। इसमें कम रडार सिग्नेचर के लिए स्टील्थ फीचर्स हैं।
    Image Source : AP
    इसकी क्रू क्षमता लगभग 4,500 नाविक और एयर विंग पर्सनल की है, जिसमें ऑटोमेशन से क्रू की संख्या 25% कम है। इसके फ्लाइट डेक पर 25% ज्यादा स्पेस है, जो विमान संचालन को तेज और सुरक्षित बनाता है। इसमें कम रडार सिग्नेचर के लिए स्टील्थ फीचर्स हैं।