दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने हरियाणा में एक हत्या के मामले में वांछित और 20,000 रुपये के इनामी बदमाश राकेश कादियान उर्फ पंपू (39) को रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया है। राकेश कादियान उर्फ पंपू हरियाणा के पानीपत का निवासी है, जिसे उस वक्त पकड़ा गया जब वह राष्ट्रीय राजधानी में अपने गिरोह का संचालन फिर से शुरू करने की फिराक में था।
पुलिस के मुताबिक, पंपू इस साल फरवरी में सोनीपत के मुरथल स्थित वीर ढाबा पर दीपक उर्फ भांजा की हत्या के सिलसिले में वांछित था। हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 20,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) अमित कौशिक ने बताया कि शनिवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर पंपू को उस समय पकड़ा गया जब वह कथित तौर पर अवैध हथियार लेकर जा रहा था। उसके पास से एक अर्द्ध-स्वचालित पिस्तौल, चार कारतूस और एक कार बरामद की गई।
आपराधिक इतिहास
अधिकारी ने आगे बताया कि पंपू का एक लंबा और हिंसक आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, हमला और हथियार संबंधी अपराधों सहित 16 से अधिक मामले दर्ज हैं। डीसीपी कौशिक ने बताया कि पंपू ने वर्ष 2010 में अपराध की दुनिया में कदम रखा, जब उसके चाचा की उसके गांव के शरवन नामक व्यक्ति ने हत्या कर दी थी। बदला लेने के लिए पंपू और उसके साथियों ने शरवन को मारने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया।
साले की मौत का बदला, फरार
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2014 में दीपक उर्फ भांजा ने अपने साथियों के साथ पंपू के साले विनोद की हत्या कर दी थी। डीसीपी ने कहा, "वर्ष 2017 में पानीपत की अदालत में पंपू खुद हत्या के प्रयास के दौरान बच गया था, जिसमें उसे चार गोलियां लगी थीं।" उसने अपनी गिरोह की गतिविधियों को जारी रखा और 2023 में दिल्ली में अपनी उपस्थिति फिर से स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन विशेष प्रकोष्ठ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे 2024 में पैरोल पर रिहा किया गया। फरवरी 2025 में, पंपू ने दीपक की कथित तौर पर हत्या करके अपने साले की मौत का बदला लिया, तब से वह फरार था। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है। (भाषा इनपुट)
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