रसोई में आसानी से मिलने वाली दालचीनी सिर्फ खुशबू और स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। लकड़ी जैसी दिखने वाली यह छाल कई औषधीय गुणों से भरपूर है। खासतौर पर डायबिटीज और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या में इसके फायदे की चर्चा अक्सर होती है। आइए जानते हैं यह कितनी असरदार है और इसे सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें।
इन बीमारियों में फायदेमंद है दालचीनी
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डायबिटीज में फायदेमंद: दालचीनी में मौजूद सक्रिय तत्व इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। यह फास्टिंग ब्लड शुगर कम करने में मदद करता है।
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दिल की सेहत में सुधार: दालचीनी बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में मदद करती है। इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल भी होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद करते हैं।
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पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट: दालचीनी में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने में मदद करते हैं। इसका एक और एक्टिव कंपाउंड, सिनामाल्डिहाइड, सूजन कम करता है।
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डाइजेशन में है मददगार: दालचीनी पाचक एंजाइमों को बढ़ाकर पाचन में सुधार करती है और ब्लोटिंग, गैस व अपच जैसी पेट की समस्याओं को कम करने में मददगार है।
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इम्यूनिटी करता है बूस्ट: दालचीनी के एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण हानिकारक माइक्रोब्स को रोककर इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। यह हाई-फाइबर खाद्य पदार्थों से जुड़ी पाचन संबंधी असुविधाओं को कम करने में भी प्रभावी है।
कैसे करें इस्तेमाल?
एक गिलास पानी में 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी उबालें। सुबह खाली पेट गुनगुना पिएं। इसके अलावा आप आधा चम्मच दालचीनी पाउडर और 1 चम्मच शहद गुनगुने पानी के साथ लें सकते हैं। चाय, ग्रीन टी या हल्दी दूध में चुटकीभर दालचीनी डाल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।