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इन वजहों से नसों में जमने लगता है बैड कोलेस्ट्रॉल, जानें कैसे कम हो सकता है बढ़ा हुआ Triglycerides

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Feb 09, 2025 12:06 pm IST,  Updated : Feb 09, 2025 12:06 pm IST

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट अटैक, हाई ब्लडप्रेशर और ओबेसिटी जैसे समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं किन वजहों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और उसे कंट्रोल करने के घरेलू उपाय क्या हैं?

बैड कोलेस्ट्रॉल- India TV Hindi
बैड कोलेस्ट्रॉल Image Source : SOCIAL

हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं- एचडीएल और एलडीएल। एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल यह ब्लड वेसेल्स में जमे फैट को अपने साथ बहा ले जाता है वहीं, बैड कोलेस्ट्रॉल गाढ़ा होता है। अगर इसकी मात्रा अधिक हो तो यह ब्लड वेसेल्स और आर्टरी के दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट अटैक, हाई ब्लडप्रेशर और ओबेसिटी जैसे समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं किन वजहों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और उसे कंट्रोल करने के घरेलू उपाय क्या हैं? 

इन वजहों से बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल:

  • खराब खानपान: बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे मुख्य वजह आपका खराब खानपान है। अगर आप डाइट में लाल फैटी मांस, मक्खन, पनीर, केक, घी का सेवन ज़्यादा करते हैं तो इस वजह से शरीर में फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ता है। 

  • जेनेटिक वजहें: अगर, आपके परिवार में पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री रही है तो यह भी आपके लिए भी चिंता का विषय है। आनुवंशिक हाई कोलेस्ट्रॉल भी समय पूर्व ब्लॉकेज और स्ट्रोक का कारण बनता है।

  • तनाव: जब लोग तनाव में होते हैं तो अपने आपको तसल्ली देने के लिए स्मोकिंग, शराब का सेवन और फैटी खाने का सेवन करते हैं। इसलिए लम्बे समय तक तनाव ब्लड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण बनता है।

इन चीज़ों के सेवन से कम होगा कोलेस्ट्रॉल:

  • लहसुन : लहसुन में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है। लहसुन के नियमित सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 9 से 15 प्रतिशत तक घट सकता है। यह हाई ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करता है। रोजाना लहसुन की दो कलियां छीलकर खाना सबसे अच्छा घरेलू इलाज है।

  • ओट्स : ओट्स में मौजूद बीटा ग्लूकॉन तत्व आंतों की सफाई करते हुए कब्ज की समस्या तो दूर करता ही है। साथ ही बैड कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल होता है। अगर तीन महीने तक नियमित रूप से ओट्स का सेवन किया जाए तो इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में 5 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

  • खट्टे फल: खट्टे फलों में ऐसे घुलनशील फाइबर पाए जाते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोकते हैं। ऐसे फलों में मौजूद विटामिन-सी रक्तवाहिका नलियों की सफाई करता है। इस तरह बैड कोलेस्ट्रॉल पाचन तंत्र के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। 

 

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