प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सिर्फ एक पोषक तत्व नहीं है, बल्कि यह जीवन का 'बिल्डिंग ब्लॉक' है। हमारे बाल, नाखून, मांसपेशियां और त्वचा सब कुछ मुख्य रूप से प्रोटीन से ही बने होते हैं। जब आप कसरत करते हैं या दिनभर काम करते हैं, तो आपकी मांसपेशियों में सूक्ष्म टूट-फूट होती है। प्रोटीन इन ऊतकों की मरम्मत करता है और उन्हें मजबूत बनाता है। यह मांसपेशियों के विकास के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन जब बात प्रोटीन की होती है तो लोगों के मन में एक सवाल हमेशा रहता है वो है अंडा या सोयाबीन प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स क्या है। फिटनेस फ्रीक लोग अपनी डाइट में ये दोनों ही चीजें शामिल करते हैं, लेकिन सवाल उनके मन में हमेशा ही रहता है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स क्या है।
अंडे में कितना प्रोटीन
अंडे को प्रोटीन का "गोल्ड स्टैंडर्ड" माना जाता है क्योंकि इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड सही मात्रा में होते हैं। विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों और पोषण डेटा जैसे USDA के अनुसार, एक अंडे में प्रोटीन की मात्रा उसके आकार पर निर्भर करती है।
| अंडे का आकार | वजन | प्रोटीन की मात्रा |
| छोटा | 38 ग्राम | 4.8 ग्राम |
| मध्यम | 44 ग्राम | 5.5 ग्राम |
| बड़ा | 50 ग्राम | 6.3 ग्राम |
| अतिरिक्त बड़ा | 56 ग्राम | 7.0 ग्राम |
| जंबो | 63 ग्राम | 7.9 ग्राम |
प्रोटीन कहां होता है: सफ़ेद भाग या जर्दी?
अंडे का सफ़ेद भाग: एक बड़े अंडे के सफेद भाग में लगभग 3.6 ग्राम प्रोटीन होता है। यह हिस्सा फैट-फ्री होता है। वहीं जर्दी में लगभग 2.7 ग्राम प्रोटीन होता है। हालांकि इसमें प्रोटीन कम है, लेकिन अंडे के अधिकांश विटामिन A, D, E, K और हेल्दी फैट्स इसी हिस्से में पाए जाते हैं। अंडे को उबालकर खाना प्रोटीन इनटेक का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, क्योंकि कच्चा अंडा खाने की तुलना में पका हुआ अंडा खाने से हमारा शरीर लगभग 91% प्रोटीन को आसानी से सोख पाता है।
100 ग्राम सोयाबीन में कितना प्रोटीन होता है
सोयाबीन प्रोटीन का एक बेहतरीन शाकाहारी स्रोत है। अगर हम 100 ग्राम सूखे सोयाबीन की बात करें, तो इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी प्रभावशाली होती है। 100 ग्राम कच्चे सोयाबीन में लगभग 36 से 40 ग्राम प्रोटीन होता है। सोयाबीन एक "कंप्लीट प्रोटीन" है, जिसका मतलब है कि इसमें वे सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड होते हैं जो शरीर खुद नहीं बना सकता। सोयाबीन में कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, कॉपर, सेलेनियम, मैंगनीज, विटामिन सी, बी कॉम्प्लेक्स के विटामिन जैसे थायमिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, बी6 होता है। सोयाबीन को हमेशा अच्छी तरह भिगोकर और पकाकर खाना चाहिए ताकि इसके एंटी-पोषक तत्व कम हो सकें।
| सोयाबीन का प्रकार | प्रोटीन की मात्रा |
| कच्चा/सूखा सोयाबीन | 36 - 40 ग्राम |
| सोया चंक्स | 52 ग्राम |
| पका हुआ सोयाबीन | 17 - 18 ग्राम |
| टोफू | 8 - 10 ग्राम |
| सोया पनीर | 14 - 16 ग्राम |
कौन है बेस्ट?
- अगर आप मसल बिल्डिंग (Bodybuilding) कर रहे हैं और ऐसा प्रोटीन चाहते हैं जो शरीर में तुरंत और पूरी तरह इस्तेमाल हो जाए तो अंडा आपके लिए बेस्ट हो सकता है है। इसमें विटामिन B 12 और D भी होता है जो सोयाबीन में नहीं मिलता।
- अगर आप शाकाहारी हैं या कम बजट में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन चाहते हैं तो सोयाबीन चुनें। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है