द्वंद कहां तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए। तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए। हिंदुस्तान ऐसा देश है जो किसी को छेड़ता नहीं और अगर कोई हमें छेड़ दे तो भारत उसे छोड़ता नहीं। इसलिए पहलगाम में हुई हैवानियत के बाद पूरा देश कह रहा है कि आतंकियों का इलाज राजनीति से नहीं रणनीति से ही होगा। इसलिए सरकार लगातार बैठकें कर रही है जिससे पड़ोसी मुल्क सहमा हुआ है। तभी तो मीटिंग्स दिल्ली में हो रही हैं और कांप इस्लामाबाद-लाहौर-कराची रहे हैं। उनमें डर होना भी चाहिए क्योंकि हर हिंदुस्तानी के दिल में आग दहक रही है, आग बदले की, आग इंसानियत की हदें पार करने वाले आतंकवादियों को चुन-चुन कर जहन्नुम भेजने की। लोगों के दिलों में इस आग की तपिश तब तक बरकरार रहनी चाहिए, जब तक पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब न दे दिया जाए।
एक तपिश ऐसी भी है जिसके शांत होने की हर भारतवासी दुआ कर रहा है। हम बात कर रहे हैं लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी की। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि पिछले 15 साल में दूसरी बार अप्रैल के महीने में इतनी गर्मी पड़ी है जिससे दिल-दिमाग के अलावा आंत-किडनी-लंग्स-लिवर और आंखों के डैमेज होने का खतरा बढ़ गया है। लोग गर्मी से बचने के तमाम उपाय करते हैं लेकिन कम जानकारी होने की वजह से अक्सर आंखों की हिफाजत करना भूल जाते हैं। तभी तो अचानक आंखों के 'कॉर्नियल सेल्स' में इंफ्लेमेशन के मामलों के साथ लोगों में 'आई स्ट्रोक' का डर बढ़ रहा है। गर्मी से रेटिना पर ब्लड के थक्के जमते हैं, जो आंखों में ऑक्सीजन के फ्लो को रोक देते हैं जिससे रेटिना डैमेज हो रहा है। वैसे आंखों का ख्याल सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि हर मौसम में रखने की जरूरत है क्योंकि शरीर में होने वाली हर बीमारी का असर आंखों पर जरूर पड़ता है। अब डायबिटीज, हाई बीपी, मोटापा, स्ट्रेस को ही ले लीजिए। ये न सिर्फ हार्ट, किडनी पर असर डालते हैं बल्कि नजर भी कमजोर करते हैं। ऊपर से कैटरेक्ट, ग्लूकोमा, मायोपिया तो आंखों के दुश्मन हैं ही। गर्मी के बढ़ते हमले के बीच योग-आयुर्वेद से कैसे अपनी सेहत की हिफाजत करें और आंखें हेल्दी रखें, ये स्वामी रामदेव से जानते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। अब से थोड़ी देर पहले केदारनाथ धाम का कपाट खुल गया है। सबसे पहले भगवान की पूजा-अर्चना की गई, भगवान को भोग लगाया गया और वहीं बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। केदारघाटी में बर्फबारी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं में जबरदस्त जोश दिखाई दे रहा है। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने भी देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए जबरदस्त इंतजाम किए हैं। केदारनाथ मंदिर को 54 तरह के 108 कुंतल फूलों से सजाया गया है। ये फूल कश्मीर, कोलकाता और दिल्ली के साथ-साथ नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका से मंगवाए गए हैं। लगातार गर्म हवा और बारिश से भी राहत मिली है। एकदम से सब कुछ बदल गया है और आंखों को सुकून मिल रहा है। वैसे भी गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत आंखों की ही होती है क्योंकि आंखें शरीर में सबसे सेंसिटिव होती हैं, जो गर्म हवा के सीधे टच में आती हैं।
लू का अलर्ट, आंखों पर अटैक
- कॉर्नियल सेल्स में इंफ्लेमेशन
- एलर्ज
- आंखों में सूजन
- ड्राइनेस
- कंजेक्टिवाइटिस
- टेरेजियम
बीपी-शुगर-स्ट्रेस, आंखों पर असर
- ग्लूकोमा
- डायबिटिक रेटिनोपैथी
- मोतियाबिंद
- मायोपिया
- गर्मी से बीपी-शुगर पेशेंट दोगुने हुए
आंखों की रौशनी बढ़ाएं
- सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें
- अनुलोम-विलोम करें
- 7 बार भ्रामरी करें
- 'महात्रिफला घृत' पिएं
- 1 चम्मच दूध के साथ लें
- दिन में दो बार खाने के बाद
नजर होगी शार्प
- एलोवेरा-आंवला का जूस पिएं
- गुलाब जल में त्रिफला का पानी मिलाएं
- मुंह में नॉर्मल पानी भरें
- त्रिफला-गुलाब जल से आंखें धोएं
- किशमिश और अंजीर खाएं
- 7-8 बादाम पानी में भिगोकर खाएं
चश्मा उतरेगा, क्या खाएं?
- बादाम, सौंफ और मिश्री लें
- पीस कर पाउडर बना लें
- रात को गर्म दूध के साथ लें
ये भी पढ़ें:
बार-बार बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर, हाई बीपी पर काबू पाने के लिए अपनाएं स्वामी रामदेव के उपाय