साइलेंट हार्ट अटैक आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। साइलेंट हार्ट अटैक आने पर कई बार कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता और कुछ मामलों में लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि आप उन्हें नॉर्मल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन साइलेंट हार्ट अटैक लक्षणों वाले हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक है। इसमें इंसान को न तो हार्ट अटैक का पता चलता और दिल को उतना ही नुकसान होता है। साइलेंट हार्ट अटैक से मौत के केस काफी ज्यादा आते हैं। कई बार लोग सोते-सोते रह जाते हैं जिसका कारण दिल का दौरा भी हो सकता है। साइलेंट हार्ट अटैक आने पर ऐसा हो सकता है। जानिए साइलेंट हार्ट अटैक क्या संकेत देता है और किसे ज्यादा खतरा रहता है।
साइलेंट हार्ट अटैक के बार में जब हमने शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी से बात की थी तो उन्होंने बताया कि शरीर साइलेंट हार्ट अटैक आने पर भी कुछ ऐसे संकेत देता है जो बेहद सामान्य होते हैं। कई बार कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता जिसे साइलेंट अटैक कहा जाता है। हालांकि हल्का असहज महसूस होना साइलेंट हार्ट अटैक की ओर इशारा जरूर करता है। जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साइलेंट हार्ट अटैक आने पर कुछ ऐसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन मुख्य कारण हाई कोलेस्ट्रॉल को माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से प्लाक बन जाता है जो कोरोनरी आर्टरी में जमने लगता है। प्लाक पर जब खून का थक्का बन जाता है, तो खून और ऑक्सीजन की सप्लाई हार्ट और मांसपेशियों तक ठीक से नहीं पहुंच पाती है। जिससे हार्ट अटैक की स्थिति पैदा होती है।
साइलेंट हार्ट अटैक किसी को भी आ सकते है। लेकिन महिलाओं को इसका खतरा काफी ज्यादा रहता है। ज्यादा स्ट्रेस लेने, अचानक से बहुत ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने से या फिर कई बार सर्दियों में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अक्टूबर 2024 में आई एक रिपोर्ट्स की मानें तो करीब 50% से 80% हार्ट अटैक साइलेंट होते हैं। जो सबसे ज्यादा खतरनाक हैं।
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