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शॉवर हेड में हो सकते हैं टॉयलेट सीट से ज्यादा बैक्टीरिया, बन सकते हैं इन बीमारियों का कारण

Written By : Pankaj Kumar Edited By : Ritu Raj Published : Jan 07, 2026 08:32 am IST, Updated : Jan 07, 2026 08:32 am IST

क्या आपने कभी सोचा है कि नहाने के लिए जिस शॉवर हेड का इस्तेमाल करते हैं, वो हमारी स्किन के लिए कितना सेफ है। शॉवर हेड बैक्टीरिया के पनपने के लिए एक बेस्ट जगह होती है। क्योंकि यह अंदर से गीला, अंधेरा और गर्म होता है, यह बैक्टीरिया के लिए एक 'ब्रीडिंग ग्राउंड' बन जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इनसे कौन सी बीमारी हो सकती

शॉवर हेड में हो सकते हैं टॉयलेट सीट से ज्यादा बैक्टीरिया- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK शॉवर हेड में हो सकते हैं टॉयलेट सीट से ज्यादा बैक्टीरिया

आपको क्या लगता है शॉवर चालू करते ही आपके बदन पर सिर्फ पानी गिरता है? या फिर वो भी, जो दिखाई नहीं देता लेकिन सांसों के ज़रिए सीधे फेफड़ों तक पहुंच सकता है। क्योंकि साहब जिस शॉवर के नीचे खड़े होकर आप तरोताजा होते हैं। ठीक उसी शॉवर हेड के अंदर लाखों-करोड़ों बैक्टीरिया और फंगस चुपचाप अपना घर बनाकर बैठे होते हैं। रिसर्चर्स की मानें तो, जब शॉवर बंद रहता है तो पाइप और शॉवर हेड के अंदर एक चिपचिपी परत जम जाती है जिसे बायोफिल्म कहते हैं और जैसे ही आप अगली बार शॉवर चालू करते है। तेज पानी की धार इस परत को तोड़ देती है। बैक्टीरिया हवा और पानी की बूंदों के साथ सीधे आपके शरीर और सांसों तक पहुंच जाते हैं।

स्टडी के मुताबिक एक वर्ग सेंटीमीटर में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों बैक्टीरिया हो सकते हैं और नमी, गंदगी और बंद पाइपलाइन इन्हें रहने के लिए परफेक्ट घर बना देती है। यही वजह है कि शॉवर से फैलने वाले जर्म फेफड़ों के इंफेक्शन, निमोनिया और अस्थमा तक को ट्रिगर कर सकते हैं। लेकिन ये अदृश्य दुश्मन सिर्फ आपके बाथरूम तक सीमित नहीं है। असल में, ये तो पूरे घर में फैले हुए है। बस हम उन्हें देख नहीं पाते। सोचिए जिस मोबाइल को आप दिन में सौ बार छूते हैं। वो टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदा हो सकता है जिस तकिए पर सिर रखकर आप मीठी नींद के ख्वाब देखते हैं। उसी में 10 से 16 लाख तक बैक्टीरिया छिपे हो सकते हैं और वो किचन स्पंज जिससे बर्तन चमकाते हैं। उसके हर इंच में 10 करोड़ तक जर्म्स हो सकते हैं यानि एक टॉयलेट सीट से दो लाख गुना ज्यादा।

तो सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं है। सवाल उस भरोसे का है, जो हम रोजमर्रा की चीजों पर आंख बंद करके कर लेते हैं। याद रखिए, घर की सफाई सिर्फ फर्श और दीवारों तक नहीं उन चीजों तक भी पहुंचनी चाहिए,जो हर रोज हमारे हाथ में रहती हैं और साथ ही अपनी इम्युनिटी को इतना मजबूत बनाइए कि बैक्टीरिया-वायरस का हर हमला नाकाम हो जाए।

सर्दी में एलर्जी

नाक बंद

चेस्ट कंजेशन

बार-बार छींकें

बदन पर रैशेज

वायरल बुखार

इनडाइजेशन

सर्दी में बैक्टीरिया, वायरस,फंगस से बचकर

रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर

लंग्स में इंफेक्शन

सांस नली में सिकुड़न

चेस्ट में जकड़न-भारीपन

सांस लेने में दिक्कत

अस्थमा की परेशानी में करें ये उपाय

गर्म चीज़ें पीएं-खाएं

गुनगुना पानी ही पीएं

नमक डालकर गरारे करें

नाक में अणु तेल डालें

खांसी में रामबाण है ये चीजें

100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम काली मिर्च और 50 ग्राम शक्कर लें। इन तीनों चीजों को दूध के साथ 1 चम्मच खाने से फायदा मिलता है।

घर में रखी इन चीजों पर भी होता है बैक्टीरिया

किचन स्पंज में मोराक्सेला ओस्लो-एंसिस बैक्टीरिया होते हैं। इससे सांस की एलर्जी, स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

किचन स्पंज में सलमोनेला बैक्टीरिया होते हैं। इनसे पेट की बीमारियों, फूड पॉइजनिंग, स्किन इंफेक्शन का खतरा रहता है।

दरवाजे की कुंडी पर स्टेफी बैक्टीरिया होते हैं। इनसे फोड़े-फुंसी होने का रहता है।

बच्चों के खिलौने पर सलमोनेला बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो उल्टी, पेट दर्द, मोल्ड स्पोर्स का कारण बनते हैं।

टूथब्रश होल्डर पर फेकल बैक्टीरिया होते हैं जो ओरल इंफेक्शन का कारण बनते हैं।

शॉवर हेड पर माइक्रोबैक्ट्रियम बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो लंग्स इंफेक्शन की वजह बनते हैं। 

 

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