Sudan lab news: आप ये सोचकर चैन की नींद सो रहे हैं कि कोरोना वायरस के बाद अब हमारे सामने कोई खतरा नहीं है तो, एक बार फिर जागने का समय आ गया है। दरअसल, अफ्रीका के एक देश सूडान में लड़ाकों ने सेंट्रल लैब (Central Lab) पर कब्जा कर लिया है। दरअसल, सूडान में सेना (Sudan crisis) और अर्धसैनिक बलों के बीच शक्ति संघर्ष चल रहा है। मुख्य रूप से इस में दो पक्ष यानी सेना के जनरल अब्देल-फतह बुरहान और आरएसएफ (RSF) के चीफ जनरल मोहम्मद हमदान दगालो के बीच लड़ाई चल रही है। इस लड़ाई के कारण सूडान पूरी तरह से तबाह हो गया है। हर जगह लाशें बिखरी हुई हैं और अस्पताल बंद पड़े हैं। इसी बीच इन लड़ाकों ने यहां के सबसे बड़े पब्लिक लैब पर कब्जा कर लिया है और अब दुनिया इसके चलते चिंता में है। चिंता किस बात की है, आइए जानते हैं।
सूडान लैब पर कब्जे से दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिकों और हेल्थ विशेषज्ञों को चिंता इसलिए हो रही है क्योंकि ये सेंट्रल लैब वो लैब है जहां तमाम प्रकार की बीमारियों के सैंपल रखे हुए हैं। यहां खसरा (measles), पोलियो (polio) और हैजा (cholera)जैसी जानलेवा बीमारियों के सैंपल (नमूने) रखे गए हैं। इन सैंपल के साथ थोड़ा सा भी छेड़छाड़ हुआ तो दुनिया में बीमारियों का एक बम फट सकता है और एक बड़ी आबादी इन बीमारियों की शिकार हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि लड़ाकों ने पोलियो और खसरे सहित बीमारियों के नमूने रखने वाले सूडान के एक राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रयोगशाला पर कब्जा कर लिया है, जिससे "बेहद से बेहद खतरनाक" स्थिति पैदा हो गई है।
सूडान में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि नीमा सईद आबिद ने कहा, "लड़ाकूओं ने लैब से सभी तकनीशियनों को बाहर निकाल दिया है और ये लैब इन लड़ाकों के नियंत्रण में है।"
विश्व स्वास्थ्य संगठन का ये भी कहना है कि इन बीमारियों का आइसोटोप किसी की भी गलती से फैला तो ये दुनिया के लिए और घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा ध्यान देनी वाली बात ये है कि यहां बिजली नहीं है और लैब ढंग से काम नहीं कर पा रहा है तो किसी भी प्रकार का लीकेज भी हो सकता है। ऐसे में ये लैब 'जीवाणुओं के बम (high risk of biological hazard)'में बदल सकती है और ये दुनिया तबाह करने के लिए काफी है।
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