जवानी...जिसे हर शख्स संजोकर रखना चाहता है। लेकिन अगर ज़िंदगी की रफ्तार, में तन्हाई, और टेंशन बढ़ जाएं, तो जवां दिखने की तमन्ना भी एक आफत बन सकती है। क्योंकि इन सबका असर चेहरे पर दिखाई देने लगता है। इसी डर में, बच्चे से लेकर 30-35 साल तक के युवा बिना डॉक्टर की सलाह के धड़ल्ले से 'एंटी-एजिंग' प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई 'ग्लूटा-थियोन' की गोली ले रहा है, कोई विटामिन-C के इंजेक्शन लगवा रहा है, तो कोई बोटॉक्स और कोलाजेन ट्रीटमेंट करा रहा है। लेकिन यह सब प्रोडक्ट्स का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए कितना नुकसानदायक है बता रहे हैं बाबा रामदेव
एंटी-एजिंग' प्रोडक्ट्स से हो सकते हैं कई साइड इफेक्ट्स:
ग्लूटा-थियोन एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट है, जो शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाता है। लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा से लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है कोलाजेन सप्लीमेंट्स स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ाने का दावा करते हैं, लेकिन इसके लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं। बोटॉक्स झुर्रियां हटाता है, लेकिन बार-बार कराने से चेहरा सुन्न और अजीब सा दिखने लगता है। असल में, जब एंटी-एजिंग दवाएं शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करती हैं, तो हॉर्मोनल गड़बड़ी, मूड स्विंग्स, डिप्रेशन, पाचन की समस्याएं, और यहां तक कि स्ट्रोक और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्किन को ऐसे मिलेगा नेचुरली ग्लो
बाबा रामदेव कहते हैं कि रोज़ाना सिर्फ 30 मिनट योग, पूरी नींद, मौसम के हिसाब से ताजे फल और सब्जियां खाना यही असली 'नेचुरल एंटी-एजिंग थेरेपी' है। सही हाइड्रेशन, साफ त्वचा और एक पॉजिटिव सोच, यही आपके चेहरे की असली चमक है। यानी स्किन को नेचुरली ग्लो देने के लिए अपनी डाइट अच्छी करें। एलोवेरा का जूस पीएं। संतुलित आहार लें और तला भुना ना खाएं तेज मसालों से परहेज करें। साथ ही रोजाना एक्सरसाइज़ करें
खुश रहने से क्या होता है?
खुश रहने से धड़कन सामान्य रहती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है, उम्र लंबी होती है, शरीर में दर्द कम होता है, त्वचा खूबसूरत होती है, और दिमाग शांत रहता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।