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‘राम मंदिर मामले पर जल्द सुनवाई संभव नहीं’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Mar 31, 2017 11:53 am IST,  Updated : Mar 31, 2017 12:15 pm IST

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाते इस मामले पर जल्द सुनवाई करने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि उसे ये पता नहीं था भाजपा

Supreme Court- India TV Hindi
Supreme Court Image Source : PTI

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाते इस मामले पर जल्द सुनवाई करने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि उसे ये पता नहीं था भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी इस मामले में पक्षकार नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस मामले के पक्षकारों ने कहा कि स्वामी इस केस में पार्टी नहीं हैं। कोर्ट ने स्वामी से कहा कि आपने हमें बताया नही कि आप मुख्य मामले में पार्टी नहीं हैं। स्वामी से स्वीकार किया कि वह पक्षकार नहीं है, हालांकि उनके लिए यह धार्मिक आस्था का मामला है।

स्वामी ने कोर्ट से कहा कि उन्हें प्रॉपर्टी से मतलब नहीं है, उन्होंने बस पूजा करने के अपने संवैधानिक अधिकार के तहत यह याचिका दायर की है। चीफ जस्टिस ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मामले पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।

बता दें कि 21 मार्च को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को आपस में मिलकर विवाद सुलझाने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह एक संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है और यह बेहतर होगा कि इस मुद्दे को मैत्रीपूर्ण ढंग से सुलझाया जाए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसे सुलझाने के लिए सभी पक्ष सर्वसम्मति के लिए एक साथ बैठें।

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि सभी पक्षों को इस मुद्दे को सुलझाने के नए प्रयास करने के लिए मध्यस्थ चुनने चाहिए। उन्होंने ये भी टिप्पणी की कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले के निपटान के लिए कोर्ट द्वारा प्रधान मध्यस्थ भी चुना जा सकता है।

याचिकाकर्ता ने तत्काल सुनवाई के स्वामी के अनुरोध पर आपत्ति जताई

वहीं रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के एक मुख्य याचिकाकर्ता के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा सभी संबंधित पक्षों को जानकारी दिये बिना मामले की तत्काल सुनवाई की मांग पर आपत्ति जताई। मोहम्मद हाशिम अंसारी के बेटे ने शीर्ष अदालत के महासचिव को पत्र लिखकर कहा कि राज्यसभा सदस्य बार बार प्रधान न्यायाधीश के सामने मामले का उल्लेख करते हैं, यहां तक कि उनके पिता की ओर से पेश वकील सहित एडवोकेट आन रिकार्ड तक को जानकारी नहीं देते हैं। अयोध्या विवाद में सबसे पुराने याचिकाकर्ताओं में से एक अंसारी का पिछले साल जुलाई में 95 वर्ष की उम्र में हृदय संबंधी बीमारियों से निधन हो गया था। वह इस मामले में फैजाबाद की दीवानी न्यायाधीश अदालत में वाद दायर करने वाले पहले व्यक्ति थे।

अयोध्या में विवादास्पद बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले के गवाह की मौत

विवादास्पद बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह की दिल का दौरा पड़ने से अयोध्या में मौत हो गयी। महत्वपूर्ण गवाह असलम अंसारी को अयोध्या में उनके निवास पर सोमवार को दिल का दौरा पड़ा। उनके परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी। अंसारी के रिश्तेदार कासिम ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में अपर्याप्त मेडिकल सुविधाओं के चलते उनकी मौत हो गयी। अंसारी दिवंगत हाशिम अंसारी के भतीजे थे। हाशिम अंसारी इस मामले में सबसे वृद्ध वादी थे।

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