नई दिल्ली: पीएनबी घोटाले को लेकर इलाहाबाद बैंक के पू्र्व निदेशक दिनेश दुबे ने इंडिया टीवी से कहा कि इलाहाबाद बैंक बोर्ड की बैठक में जब गीतांजलि जेम्स को पूर्व का कर्ज चुकाए बगैर और लोन देने का प्रस्ताव आया तो मैंने उसका विरोध किया। मैंने कहा था कि पहले का कर्ज चुकाए बिना और नया कर्ज देना उचित नहीं है। मेरे शेयर होल्डर डायरेक्टर अशोक विज ने भी इसका विरोध किया था।
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मैंनेजमेंट ने कहा बैंकिंग सिस्टम में रिस्ट्रक्चर करना जरूरी है और एनपीए कम करने के लिए ऐसा जरूरी है। मैंने अपना डिसेंट नोट भी लिखा। इस मामाले पर मैंने तत्कालीन डिप्टी गवर्नर आरबीआई केसी चक्रवर्ती और वित्त सचिव को चिट्ठी लिखी। दिनेश दुबे ने इंडिया टीवी को बताया कि वित्त सचिव से मेरी 10 मिनट की मुलाकात हुई। यह मेरी पहली और आखिरी मुलाकात थी। उन्होंने मुझसे कहा कि बैंकिंग इंडस्ट्री में डिसेंट नोट खतरनाक होता है.. या तो इस्तीफा दे दो या फिर अपना बर्ताव बदल दो। मैंने उनसे कहा कि मैं इस तरह के गलत काम का समर्थन नहीं कर सकता और मैंने तुरंत उसी वक्त अपना इस्तीफा लिखकर उन्हें सौंप दिया।