नई दिल्ली: सीबीआई ने लखनऊ में एक इनकम टैक्स इंस्पेक्टर को कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक कारोबारी के खिलाफ कर के मामले को रफा-दफा करने के लिए यह घूस ली जा रही थी।सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि आयकर इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उसने सात करोड़ रुपये की कीमत की सावधि जमा (एफडी) रसीदों को जारी करने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ये पावतियां कोलकाता की एक निजी कंपनी पर की गई छापेमारी के दौरान जब्त की गई थी।
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उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर धर्मशील अग्रवाल 10 लाख रुपये की पहली किश्त को स्वीकार करने के लिए कथित तौर पर तैयार हो गए थे। प्रवक्ता ने बताया, “सीबीआई ने एक जाल बिछाकर इंस्पेक्टर और लखनऊ के एक आदमी को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये प्राप्त करते हुए पकड़ा।”
उन्होंने बताया कि एजेंसी ने अधिकारी के आवास पर छापेमारी की जहां से करीब 10.50 लाख रुपये नकद और कई बैंक खातों एवं निवेश से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए।