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असम में बंद होंगे सरकारी मदरसे-संस्कृत स्कूल, कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 15, 2020 08:17 am IST,  Updated : Dec 15, 2020 08:17 am IST

असम कैबिनेट ने सभी सरकारी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को बंद करने के प्रस्ताव को रविवार को मंजूरी दे दी है। असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य में सरकार द्वारा संचालित मदरसे और संस्कृत विद्यालय सामान्य शिक्षण संस्थान के रूप में काम करेंगे...

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Govt-run madrassas, Sanskrit tols to operate as general educational institutes in Assam Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE

गुवाहाटी: असम कैबिनेट ने सभी सरकारी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को बंद करने के प्रस्ताव को रविवार को मंजूरी दे दी है। असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य में सरकार द्वारा संचालित मदरसे और संस्कृत विद्यालय सामान्य शिक्षण संस्थान के रूप में काम करेंगे और इन्हें मौजूदा रूप में बंद करने के लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पेश किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि असम में सरकारी मदरसों को बंद करना ऐतिहासिक कदम है और इसका उद्देश्य राज्य की पूरी शिक्षा व्यवस्था को धर्मनिरपेक्ष रूप देना है।

सरमा ने यहां संवादताता सम्मेलन में कहा कि राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को 2021-22 अकादमिक वर्ष की परीक्षाओं के नतीजे घोषित किये जाने की तिथि को भंग कर दिया जाएगा और सभी रिकॉर्ड , बैंक अकाउंट तथा कर्मचारियों को असम के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य मदरसा बोर्ड के कर्मचारियों की सेवाएं लेगी और सेवानिवृत्ति तक सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा, 'मदरसा और संस्कृत स्कूलों से जुड़े वर्तमान कानूनों को निरस्त कर दिया जाएगा। विधानसभा के अगले सत्र में एक विधेयक पेश किया जाएगा।' असम विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 दिसंबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान सरकारी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया था।

बता दें कि शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्व ने अक्टूबर में कहा था कि असम में 610 सरकारी मदरसे हैं और सरकार इन संस्थानों पर प्रति वर्ष 260 करोड़ रुपये खर्च करती है। उन्होंने कहा था कि राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड असम को भंग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि सभी सरकारी मदरसे को उच्च विद्यालयों में तब्दील कर दिया जाएगा और वर्तमान छात्रों के लिए नया नामांकन नियमित छात्रों की तरह होगा। सरमा के मुताबिक संस्कृत स्कूलों को कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत और प्राचीन अध्ययन विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाएगा।

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