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उत्तराखंड में अक्सर आ रहे भूकंप बड़े झटके का संकेतक: शीर्ष आपदा अधिकारी

 Reported By: Bhasha
 Published : Apr 08, 2018 04:49 pm IST,  Updated : Apr 08, 2018 04:49 pm IST

उत्तराखंड मौसम विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़े के मुताबिक एक जनवरी 2015 के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्से में, खासकर पहाड़ी चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और रूद्रप्रयाग जिले में हल्की तीव्रता के 51 झटके लग चुके है...

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देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ों में भूकंप अक्सर आते रहते हैं जिसे कई बार सामान्य बताया जाता है। वर्ष 2015 में एक जनवरी से 51 बार झटके आ चुके हैं। राज्य आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र (डीएमएमसी ) का कहना है कि यह भीषण भूकंप का संकेतक हो सकता है।

डीएमएमसी के कार्यकारी निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया, ‘‘उत्तराखंड के पहाड़ में अक्सर आने वाले भूकंप को सामान्य घटना बताकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इसे बड़े भूकंप के संकेतक के तौर पर देखना चाहिए। लंबे समय से हिमाचल प्रदेश, नेपाल और उत्तराखंड तक फैले हिमालयी क्षेत्र की मध्य भूकंपीय पट्टी में यह झटका नहीं आया है।’’

डीएमएमसी किसी तरह की आपदा में लोगों और पर्यावरण के संरक्षण लिए उत्तराखंड सरकार के तहत काम करने वाला स्वायत्त संगठन है। इसके पास आपदा की स्थिति में कम से कम नुकसान के लिए लोगों और समुदायों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी जिम्मेदारी है।

रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड का गढ़वाल क्षेत्र वर्ष 1803 में भीषण भूकंप की चपेट में आया था और 200 साल से हिमालयी क्षेत्र में बहुत सारी ऊर्जा बाहर नहीं निकली है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह संचित ऊर्जा 200 से ज्यादा साल से जमा हो रही है और इसके कारण वैज्ञानिकों को आशंका है कि यह निकट भविष्य में हिमालयी क्षेत्र में बड़े भूकंप के रूप में अपना रास्ता निकाल सकती है और उत्तराखंड भी इसी क्षेत्र का हिस्सा है।’’

उन्होंने बताया कि आशंका का दूसरा पहलू उत्तराखंड, पड़ोसी हिमाचल प्रदेश और नेपाल तक फैले हिमालयी मुहाने पर भूंकप की 700 किलोमीटर लंबी पट्टी है जो कि पिछले 200-500 वर्षो में किसी बड़े भूकंप में नहीं टूटी है। यह पूछा गया कि वैज्ञानिक भीषण भूकंप किसे करार देते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि रिक्टर पैमाने पर आठ से ज्यादा तीव्रता वाले झटके को इस श्रेणी में रखा जाता है।

उत्तराखंड मौसम विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़े के मुताबिक एक जनवरी 2015 के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्से में, खासकर पहाड़ी चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और रूद्रप्रयाग जिले में हल्की तीव्रता के 51 झटके लग चुके है। पहाड़ में एक महीने में औसतन दो बार हल्की तीव्रता का भूकंप आता है और आखिरी बार इस साल एक अप्रैल को पिथौरागढ़ को झटका लगा था।

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