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तटीय सुरक्षा को अभेद्य बना रही है मोदी सरकार: अमित शाह

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 28, 2021 10:41 pm IST,  Updated : Oct 28, 2021 10:41 pm IST

अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘‘आज हुई सलाहकार समिति की बैठक में तटीय सुरक्षा पर चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने इसे और मजबूत करने के लिए अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके और राज्यों एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’ 

तटीय सुरक्षा को अभेद्य बना रही है मोदी सरकार: अमित शाह- India TV Hindi
तटीय सुरक्षा को अभेद्य बना रही है मोदी सरकार: अमित शाह Image Source : TWITTER/@AMITSHAH

नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सभी राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके भारत की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार देश के सभी द्वीपों का सर्वेक्षण किया गया है और इस संबंध में प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह बात गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में कही, जिसने देश की तटीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। 

समुद्र तट पर निगरानी की कमी के कारण 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई में घुसकर 26 नवंबर, 2008 को भारत में अब तक के सबसे भीषण आतंकवादी हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। तभी से केंद्र ने देश की 7,517 किलोमीटर लंबी तटरेखा के साथ एक मजबूत बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली स्थापित करके तटीय सुरक्षा तंत्र में सुधार किया है। अमित शाह ने हिन्दी में ट्वीट किया, ‘‘आज हुई सलाहकार समिति की बैठक में तटीय सुरक्षा पर चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने इसे और मजबूत करने के लिए अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके और राज्यों एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’ 

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों के अनुरूप गृह मंत्रालय पिछले कुछ वर्षों से तटीय सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और सभी हितधारकों के सुझावों के साथ इसे और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय तटीय सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों का गंभीरता से आकलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा में कई मंत्रालयों और एजेंसियों की भूमिका होती है और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हितधारकों के साथ बैठक के बाद उनके बीच आपसी समन्वय स्थापित करके इसे और मजबूत किया जाएगा। 

बयान में कहा गया है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और तटीय सुरक्षा को जमीनी सीमा सुरक्षा के समान मजबूत करने के लिए सुझाव दिए गए। बैठक में मौजूद सदस्यों ने सभी राज्यों में अलग तटीय पुलिस कैडर के गठन और प्रौद्योगिकी की मदद से द्वीपों और तटीय क्षेत्रों की निगरानी का भी सुझाव दिया। इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और तटीय पुलिस थानों के प्रभावी संचालन के लिए उचित बजट आवंटन पर बल दिया गया। 

इसके लिए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मियों और मछुआरों के समुचित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। समुद्र में जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के बीच टकराव को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर भी चर्चा की गई। बयान में कहा गया है कि सदस्यों ने तटीय सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री व्यापार और नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दिया। समुद्र तट की सुरक्षा देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि तट के किनारे परमाणु स्टेशन, मिसाइल-प्रक्षेपण केंद्र, रक्षा और तेल प्रतिष्ठान हैं।

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