2022 तक सबको घर देने का सपना पूरा करेंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 25 वर्गमीटर का मकान गरीब को मिलता है। सरकार पक्के मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये देती है और जब आवास की मंजूरी मिल जाती है तब बारी-बारी से पैसे सीधे खाते में आते भेज दिए जाते हैं।

IndiaTV Hindi Desk Written by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: June 05, 2018 11:24 IST
PM Narendra Modi addresses PMAY beneficiaries- India TV Hindi News
Image Source : PTI तीन साल पहले मोदी सरकार गांव की तस्वीर बदलने के लिए एक ऐसी योजना लेकर आई थी जिसमें दावा किया गया था कि गरीबों के पास भी अपना घर होगा, अपनी छत होगी।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से आज बात की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार साल 2022 तक हर गरीब को घर देने का सपना पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि हमने 18 महीने का काम 12 महीने में पूरा किया। पहले की योजनाएं परिवारों के नाम पर बनती थी लेकिन हमारी सरकार ने इस प्रथा को बदला। उन्होंने ये भी कहा कि हर गरीब की इच्छा होती है कि उसका पक्का घर हो। हर व्यक्ति का सपना होता है अपना घर हो, जिन्हें घर मिला उनसे बात करने का मौका मिला। नमो एप के जरिए पीएम मोदी ने उन लोगों से सवाल-जवाब किया जिनको आवास योजना के अंतर्गत अब तक फायदा मिल चुका है।

गौरतलब है कि तीन साल पहले मोदी सरकार गांव की तस्वीर बदलने के लिए एक ऐसी योजना लेकर आई थी जिसमें दावा किया गया था कि गरीबों के पास भी अपना घर होगा, अपनी छत होगी। बारिश से डरने की जरुरत नहीं होगी। सरकार हर तरीके से मदद करेगी। अब पीएम मोदी उन्हीं दावों की हकीकत को समझने के लिए आज उन लोगों से नमो एप के जरिये बात की जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवाज योजना का लाभ मिला है। उनसे पूछा कि इस योजना में कितनी पारदर्शिता है और सरकार की ओर से भेजी जा रही रकम खाते में पहुंच तो रही है।

क्या है ग्रामीण आवास योजना?

-पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरी दो भागों में बंटी है
-ग्रामीण योजना के तहत 25 वर्गमीटर का मकान मिलता है
-पक्के मकान बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये मिलते हैं
-आवास की मंजूरी मिलने पर पैसे सीधे खाते में आते हैं
-लाभार्थी इस पैसे का सीधे इस्तेमाल नहीं कर सकता
-चेक के जरिये मकान सामग्री का भुगतान करना होता है

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 25 वर्गमीटर का मकान गरीब को मिलता है। सरकार पक्के मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये देती है और जब आवास की मंजूरी मिल जाती है तब बारी-बारी से पैसे सीधे खाते में आते भेज दिए जाते हैं। कोई भी गरीब इस पैसे का सीधा इस्तेमाल नहीं कर सकता बल्कि खाते से सीधे चेक के जरिये माकन सामग्री के लिए पेमेंट होता है। 2022 तक गांव के साथ-साथ शहरों में कोई भी घर कच्चा नहीं रहेगा। सरकार की योजना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर ये कोशिश है कि हर गरीब के सिर पर सीमेंट की छत हो।

क्या है शहरी आवास योजना?
-इस योजना का लाभ शहर के गरीबों को मिलता है
-योजना का लाभ EWS श्रेणी के लोगों को मिलता है
-योजना का लाभ LIG श्रेणी के परिवार को भी मिलता है
-सालाना आमदनी 3 लाख तक वाले EWS श्रेणी में आते हैं
-सालाना आमदनी 3-6 लाख वाले  LIG श्रेणी में आते हैं
-लोन के माध्यम से सरकार शहरी गरीबों को मदद करती है
-EWS और LIG श्रेणी के लोगों को लोन के ब्याज में छूट

2022 तक 1 करोड़ 10 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। सरकार के मुताबिक 34 लाख घर बन चुके हैं और 29 राज्य के 3594 शहर में लोगों को घर मिलना है। 11 लाख शहरी गरीबों को घर मिल चुका है जबकि कहा जा रहा है कि 23 लाख घर गांव में रहने वाले गरीबों को मिल चुका है। प्रधानमंत्री की इस योजना का फायदा कई तरीकों से लोगों तक पहुंचेगा। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ मकान बनाने वाली है। सरकार इस योजना के जरिये झुग्गी में रहने वालों का पुनर्वास करा रही है।

शहरों में लोन के ब्याज में छूट के जरिए मकान मुहैया करा रही है। गरीबों के लिए मकान के विस्तार के लिए सस्ता लोन उपलब्ध करा रही है। इस योजना में ऐसा बहुत कुछ है जो उन लोगों की उम्मीदों को सच करती है, जो गांव और शहर में एक मकान का सपना देखा करते थे। आज पीएम उन लोगों से सीधी बात करेंगे जिनकी जिंदगी इस योजना के जरिये बदली है।

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