नई दिल्ली: बात जब शताब्दी ट्रेनों की हो तो दिमाग में एक ऐसी ट्रेन की छवि उभरती है जो आपको कम समय में आपको अपनी मंजिल तक पहुंचाती है। इस ट्रेन का इंटीरियर भी भारत की अधिकांश ट्रेनों से बेहतर होता है, साथ ही इसके कोच भी काफी आरामदायक होते हैं। ऐसी ही एक ट्रेन नई दिल्ली से अमृतसर जाती है जिसका नाम है अमृतसर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस। रेलवे ने अब इस ट्रेन के सारे डिब्बों को अपग्रेड किया है और पहले से भी बेहतर बनाया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेन को 'प्रोजेक्ट स्वर्ण' के अंतर्गत अपग्रेड करके गोल्ड स्टैंडर्ड का बनाया गया है। इस ट्रेन के सभी 18 डिब्बों में उत्तर रेलवे के दिल्ली डिविजन ने बेहतरीन सुविधाओं से लैस किया है। अब इस ट्रेन के एक्सटीरियर्स में विनाइल रैपिंग की गई है। साथ ही इसके इंटीरियर में भी आपको विनाइल रैपिंग का काम दिखेगा। ट्रेन के टॉइलट भी पहले से बेहतर बनाए गए हैं।

आइए, जानते हैं इसके अलावा ट्रेन में क्या-क्या अपग्रेड किया गया है:
- डेस्टिनेशन बोर्ड और कोड नंबर प्लेट्स पर विनाइ रैपिंग की गई है।
- स्थानीय संस्कृति और विरासत को बेहद ही खूबसूरत तस्वीरों और पेंटिंग्स के द्वारा दिखाया गया है।
- पैंट्री एरिया में भी पर्याप्त भंडारण के लिए जगह का निर्माण किया गया है।
- टॉइलट के दरवाजों पर भी बेहतर डिस्प्ले अरेंजमेंट किया गया है।
- ट्रेन में सामान रखने वाली जगह पर एंटि-स्क्रैच फिल्म लगाई गई है ताकि आपके सामान को कोई नुकसान न पहुंचे।
- इसके अलावा कोचों में एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
- पैसेंजर अनाउंसमेंट और इंफर्मेशन सिस्टम को जीपीएस युक्त बनाया गया है।
- इसके अलावा बेहतरीन संगीत से लैस पीए सिस्टम भी दिया गया है।

उत्तर रेलवे के जनरल मैनेजर विश्वेष चौबे ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस ट्रेन को अपग्रेड कर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश की गई है। वहीं, दिल्ली के डिविजनल रेलवे मैनेजर आर. एन. सिंह ने बताया कि काठगोदाम शताब्दी के अलावा यह सिर्फ दूसरी ऐसी ट्रेन है जिसे इस तरह की सुविधाओं से लैस किया गया है। यह ट्रेन 7 अप्रैल 2018 से सेवा में आएगी। इसके अलावा बाकी बची हुई 11 शताब्दी ट्रेनों और 5 राजधानी ट्रेनों को भी अगस्त 2018 तक अपग्रेड कर दिया जाएगा।