अगरतला: त्रिपुरा विधानसभा में सोमवार को उस समय अजीबो-गरीब स्थिति हो गई जब हंगामा कर रहे टीएमसी के विधायक स्पीकर के टेबल पर रखे न्याय दंड को लेकर भागने लगा। स्पीकर के सुरक्षाकर्मी विधायक के पीछे भागे और थोड़ी देर बाद न्याय दंड को वापस स्पीकर की टेबल पर रखा गया।
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दरअसर राज्य के ग्रामीण विकास और वन मंत्री नरेश जमातिया के खिलाफ कांग्रेस और टीएमसी सदस्यों ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ रहे अपराध का मामला उठाया था। उनकी मांग थी कि जमातिया को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और उन्हें सजा दी जाय। स्पीकर रमेन्द्र देवनाथ ने बहस की अनुमति नहीं दी। इस पर विपक्षी सदस्य आसन के नजदीक आ गए।
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इसी दौरान टीएमसी विधायक सुदीप राय बर्मन स्पीकर का न्याय दण्ड लेकर भागने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने उनका पीछा किया और बाद में न्याय दंड हासिल कर लिया। स्पीकर ने फौरन सदन को स्थगित कर दिया। दोपहर दो बजे जब सदन की बैठक फिर शुरु हुई तो स्पीकर ने इस घटना की निन्दा की। सुदीप राय बर्मन और विपक्ष का आरोप था कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ रहे हैं। उन्होने एक काउंसिलर मृण्मय सेन उर्फ खोकन पर आरोप लगाया कि उसने एक नाबालिग लडकी के साथ बलात्कार किया, लेकिन महिला पुलिस ने लडकी के बयान को तोड मरोड़कर एफआईआर दाखिल की।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि एक स्थानीय अखबार ने मंत्री नरेश जमातिया के खिलाफ भ्रामक खबर छापकर उनके चरित्रहनन करने की कोशिश की है, और इस मामले में पुलिस में कोई केस भी दायर नहीं हुआ है। मंत्री नरेश जमातिया ने भी खुद को निर्दोष बताया। इसी दौरान सुदीप राय बर्मन जब बोलने लगे कि मुख्यमंत्री खुद अपनी पार्टी के नेताओं से ही पूछ लें कि सच्चाई क्या है, तो स्पीकर ने उनका माइक बन्द कर दिया। तब सुदीप राय बर्मन नाराज होकर सामने आ गए और स्पीकर का न्यायदंड उठाकर भागने लगे।