सीबीआई ने अहमदाबाद में 121 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में एक निजी फर्म के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि यह मामला दो दिन पहले बैंक ऑफ इंडिया से अहमदाबाद स्थित एक निजी कंपनी, उसके तीन निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राप्त शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
कंपनी के निदेशकों पर मामला दर्ज
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अहमदाबाद स्थित निजी कंपनी के निदेशकों ने बैंक के अज्ञात अधिकारियों के साथ एक सुनियोजित साजिश के तहत और बेईमानी से बैंक को 121.60 करोड़ रुपये का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया। सीबीआई ने कल अहमदाबाद और गांधीनगर में तीन अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। छापों के बाद, आरोपी मेसर्स के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
बैंक को 121.60 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया
जानकारी के मुताबिक, मेसर्स अनिल बायोप्लस लिमिटेड, मेसर्स अनिल बायोप्लस लिमिटेड, अमोल श्रीपाल शेठ (पूर्णकालिक निदेशक), दर्शन मेहता (पूर्णकालिक निदेशक और नलिन ठाकुर, निदेशक) के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अहमदाबाद स्थित एक निजी कंपनी के निदेशकों ने बैंक ऑफ इंडिया के अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची और बेईमानी से बैंक को 121.60 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। सीबीआई द्वारा 10.09.2025 को अहमदाबाद और गांधीनगर में तीन अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए।
सीबीआई ने आठ साल से फरार भगोड़े को गिरफ्तार किया
वहीं, सीबीआई ने 1.79 करोड़ रुपये के नोटबंदी संबंधी घोटाले में वांछित एक भगोड़े आरोपी को उन्नत प्रौद्योगिकी उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बिरंची नारायण दास फर्जी बैंक खातों के माध्यम से प्रतिबंधित नोटों के धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन में कथित रूप से शामिल था, जिससे सरकार को 11.79 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने एक जनवरी 2017 को मामले के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की और जांच में पाया कि दास अपराध को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर फर्जी पहचान के तहत बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहा था।
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