Milk Price Hike: दिवाली से पहले Amul का दूध हुआ महंगा, ग्राहकों की जेब पर प्रति लीटर बढ़ा इतना बोझ

Milk Price Hike: अमूल कंपनी ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। अमूल का दूध खरीदने वाले ग्राहकों को अब प्रति लीटर दूध के लिए ज्यादा कीमत अदा करनी होगी। कंपनी ने फुल क्रीम मिल्क और बफेलो मिल्क पर 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। ऐसे में आम आदमी की जेब पर प्रति लीटर 2 रुपए का खर्चा बढ़ गया है।

Rituraj Tripathi Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Updated on: October 15, 2022 13:03 IST
Milk Price Hike- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE Milk Price Hike

Highlights

  • दिवाली से पहले Amul का दूध हुआ महंगा
  • फुल क्रीम दूध और भैंस के दूध की कीमत प्रति लीटर 2 रुपए बढ़ी
  • मार्च 2022 में भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी

Milk Price Hike: अमूल कंपनी का दूध खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दिवाली से पहले अमूल कंपनी ने फुल क्रीम दूध और भैंस के दूध की कीमत प्रति लीटर 2 रुपए बढ़ा दी है। ये कीमतें गुजरात को छोड़कर सभी राज्यों में लागू होंगी। इस बात की जानकारी गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड के एमडी आरएस सोढ़ी ने दी है। 

बता दें कि कंपनी ने इससे पहले मार्च 2022 में भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। तब भी कंपनी ने अपने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। अमूल ने बताया था कि एनर्जी, पैकेजिंग, परिवहन, पशु आहार में बढ़ने वाली लागत के कारण दूध के दामों को बढ़ाया गया है। अमूल ने किसानों की दूध की खरीद की कीमतों में 35 से 40 रुपए प्रति किलो फैट की वृद्धि की है, जो पिछले साल की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक है। 

तेजी से बढ़ रही महंगाई

बता दें कि हालही में ये खबर सामने आई थी कि महंगाई में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। खाद्य पदार्थों के महंगा होने से खुदरा महंगाई सितंबर में बढ़कर 7.41 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई थी। जबकि अगस्त में महंगाई की दर 7 प्रतिशत और इससे पहले जुलाई में घटकर 6.7 प्रतिशत पर आ गई थी। यह लगातार 9वां महीना है जब खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दो से छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। 

खाने पीने का सामान हुआ महंगा 

बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई सितंबर में 7.41 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। जबकि सितंबर 2021 में 4.35 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति इस साल सितंबर में बढ़कर 8.60 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 7.62 फीसद थी। इससे पहले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में आयातित मुद्रास्फीति का दबाव अब कम हो गया है, लेकिन खाद्य और ऊर्जा वस्तुओं में यह दबाव अभी भी बना हुआ है।  

 

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